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Kangra News: 10 पशु चिकित्सकों को मिली पेटेंट किट
Sat, 26 Sep 2026 07:21 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 26 Sep 2026 07:21 AM IST
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पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश के 10 पशु चिकित्सा अधिकारियों को हाल ही में पेटेंट की गई आधुनिक किट मिली है। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में आयोजित विशेष प्रशिक्षण के तहत यह किट सौंपी गई। इस दौरान चिकित्सकों को गायों में बांझपन और प्रजनन रोगों के त्वरित इलाज का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के डॉ. जीसी नेगी पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के पशु चिकित्सा स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग ने आयोजित किया। इसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 10 पशु चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया। अब फील्ड में तैनात ये डॉक्टर बाविन एंडोमेट्रियल साइटोटैपिंग कैथेटर किट से गायों का सटीक उपचार करेंगे।
समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अवनिंद्र कुमार बतौर मुख्यातिथि पहुंचे। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण से राज्य में पशु स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। इससे प्रजनन प्रबंधन की क्षमता भी बढ़ेगी। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. पंकज सूद ने इस दौरान अपने विचार रखे।
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उन्होंने कहा कि राज्य में पशुओं की प्रजनन समस्याओं का समाधान जरूरी है। इसके लिए फील्ड स्तर पर पशु चिकित्सा सेवाओं को और सुदृढ़ करना होगा। प्रशिक्षण सत्रों का संचालन डॉ. अमित शर्मा, डॉ. प्रवेश कुमार, डॉ. अंकित आहूजा और डॉ. अक्षय शर्मा ने किया। इस दौरान प्रतिभागियों को तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी गई।
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यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के डॉ. जीसी नेगी पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के पशु चिकित्सा स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग ने आयोजित किया। इसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 10 पशु चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया। अब फील्ड में तैनात ये डॉक्टर बाविन एंडोमेट्रियल साइटोटैपिंग कैथेटर किट से गायों का सटीक उपचार करेंगे।
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समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अवनिंद्र कुमार बतौर मुख्यातिथि पहुंचे। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण से राज्य में पशु स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। इससे प्रजनन प्रबंधन की क्षमता भी बढ़ेगी। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. पंकज सूद ने इस दौरान अपने विचार रखे।
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उन्होंने कहा कि राज्य में पशुओं की प्रजनन समस्याओं का समाधान जरूरी है। इसके लिए फील्ड स्तर पर पशु चिकित्सा सेवाओं को और सुदृढ़ करना होगा। प्रशिक्षण सत्रों का संचालन डॉ. अमित शर्मा, डॉ. प्रवेश कुमार, डॉ. अंकित आहूजा और डॉ. अक्षय शर्मा ने किया। इस दौरान प्रतिभागियों को तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी गई।