Himachal Pradesh Rajya Chayan Aayog: सरकारी दांव-पेच में फंसी राज्य चयन आयोग की पहली पायलट भर्ती
राज्य चयन आयोग हमीरपुर की पहली पायलट भर्ती सरकारी दांव-पेच में उलझ कर रह गई है। बीते 30 मार्च को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) आधार पर यह परीक्षा आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से आयोग ने आयोजित की थी। परीक्षा का परिणाम एजेंसी ने तैयार कर लिया है लेकिन भुगतान न होने से परिणाम लटका है।
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हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर की पहली पायलट भर्ती सरकारी दांव-पेच में उलझ कर रह गई है। नए आयोग के गठन के वक्त भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के दावे के साथ सरकार ने भर्ती परीक्षाओं के तमाम कामकाज को ऑनलाइन करने का एलान किया था। इसके साथ ही भंग कर्मचारी आयोग के दौर में शुरू हुई पहली ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट (ओटीए) पोस्ट कोड 1073 की लिखित परीक्षा को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) आधार पर करवाने का निर्णय लिया था। परीक्षा हुए पांच माह बीत गए हैं और आउटसोर्स एजेंसी ने नतीजा भी तैयार कर लिया है। इसके बावजूद सरकार की ओर एजेंसी को भुगतान नहीं किया गया है।
बीते 30 मार्च को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) आधार पर यह परीक्षा आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से आयोग ने आयोजित की थी। परीक्षा का परिणाम एजेंसी ने तैयार कर लिया है लेकिन भुगतान न होने से परिणाम लटका है। सीबीटी के परिणाम के बाद इस भर्ती में अन्य औपचारिकताओं को भी पूरा किया जाना है, लेकिन अभ्यर्थियों को इसके लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पूर्व के कर्मचारी चयन आयोग ने 30 मार्च 2022 में यह भर्ती परीक्षा विज्ञापित की थी, लेकिन दो साल से अधिक का वक्त बीतने के बाद भी भर्ती अधर में है। कार्मिक विभाग को आयोग की ओर से इस विषय पर पत्राचार भी किया गया है ताकि कर्मचारियों को नवगठित आयोग में नामित कर पायलट भर्ती को पूरा किया जा सके। आयोग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिलाकर 15 कर्मी सेवाएं दे रहे हैं।
कोष विभाग से कर्मचारी को नहीं मिला कोड
भंग कर्मचारी चयन आयोग के कर्मचारी राज्य चयन आयोग में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अभी तक राज्य चयन आयोग में इन कर्मचारियों को आधिकारिक तौर पर नामित नहीं किया है। सरकारी दस्तावेजों में अभी तक ये भंग आयोग के कर्मचारी हैं। प्रदेश सरकार की कैबिनेट की बैठक में राज्य चयन आयोग में 30 पद सृजित किए हैं, लेकिन अभी तक भंग आयोग के कर्मचारियों को इन पदों के लिए नामित नहीं किया है। राज्य आयोग में इन कर्मचारियों को नामित करने के बाद कोष विभाग की ओर से कोड आवंटित किया जाएगा। इसके बाद ही एजेंसी को भुगतान का रास्ता साफ हो पाएगा। अभी तक भंग आयोग के फंड का प्रयोग करने का अधिकार किसी भी कर्मी को नियमों के तहत नहीं दिया है।
कार्मिक विभाग से इस विषय पर पत्राचार किया गया है। जल्द ही औपचारिकताओं को पूरा कर पायलट आधार पर आयोजित की गई परीक्षा का नतीजा घोषित किया जाएगा- आरके पुरुथी, चेयरमैन, हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग