HP Panchayat Election: पंचायत चुनाव के लिए दाखिल 742 नामांकन रद्द, जानें किस जिले में कितने आवेदन
प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच के दौरान 742 आवेदन रद्द किए गए हैं।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच के दौरान 742 आवेदन रद्द किए गए हैं। आयोग के अनुसार प्रदेश में 86,204 नामांकन प्राप्त हुए थे जिसमें से 742 नामांकन पत्र अस्वीकृत किए गए हैं और 85,462 प्रत्याशियों को विधिवत रूप से नामांकित किया गया हैं। इसमें जिला परिषद सदस्य पद के 15 और पंचायत, प्रधान पद के 64 नामांकन पत्रों को निरस्त किया गया। इसके अलावा उपप्रधान पद के 38 उम्मीदवारों के नामांकन भी जांच में सही नहीं पाए जाने के चलते खारिज कर दिए गए। ये नामांकन पत्र जरूरी दस्तावेज अधूरे होने, निर्धारित प्रारूप का पालन नहीं करने तथा गलत जानकारी देने के कारण रद्द किए गए हैं।
कई उम्मीदवारों ने अनिवार्य प्रमाण पत्र संलग्न नहीं किए
कई उम्मीदवारों ने नामांकन पत्रों के साथ अनिवार्य प्रमाण पत्र संलग्न नहीं किए, जबकि कुछ आवेदनों में हस्ताक्षर, प्रस्तावक अथवा अन्य औपचारिकताओं में त्रुटियां पाई गईं। कुछ प्रत्याशियों ने गलत श्रेणी में आवेदन भी जमा कर दिए, जिसके चलते उनके नामांकन निरस्त करने पड़े। रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को नियमों के अनुसार प्रत्येक दस्तावेज की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए गए थे। कई जिलों में बुधवार को देर रात तक दस्तावेजों की जांच का कार्य जारी रहा। प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर उम्मीदवारों और समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
15 को आवंटित होगी चुनाव चिह्न
प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया जारी है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से 15 मई को चुनाव मैदान में बचे प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। इसके साथ ही पंचायत चुनाव का मुकाबला पूरी तरह साफ हो जाएगा। प्रदेशभर में जिला परिषद, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों के लिए करीब 85,462 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। कई पंचायतों में मुकाबला रोचक बनने लगा है, जबकि कुछ स्थानों पर निर्विरोध चुनाव कराने को लेकर भी प्रयास तेज हो गए हैं। नामांकन वापसी की प्रक्रिया शुरू होते ही पंचायत स्तर पर बैठकों और आपसी बातचीत का दौर भी तेज हो गया है। कई जगहों पर सामाजिक संगठनों, पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा सहमति बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। खासकर प्रधान और जिला परिषद सीटों पर उम्मीदवारों के बीच जोड़तोड़ शुरू हो गई है। कई उम्मीदवारों पर समर्थन के बदले नामांकन वापस लेने का दबाव भी बनाया जा रहा है।
किस जिले में कितने नामांकन पत्र अस्वीकृत
| क्रम संख्या | जिला का नाम | कुल प्रस्तुत नामांकन पत्र | अस्वीकृत नामांकन पत्र | विधिवत नामांकित प्रत्याशी |
|---|---|---|---|---|
| 1 | बिलासपुर | 4210 | 15 | 4195 |
| 2 | चंबा | 8479 | 36 | 8443 |
| 3 | हमीरपुर | 5375 | 32 | 5343 |
| 4 | कांगड़ा | 19682 | 254 | 19428 |
| 5 | किन्नौर | 1428 | 23 | 1405 |
| 6 | लाहौल-स्पिति | 493 | 3 | 490 |
| 7 | कुल्लू | 5817 | 26 | 5791 |
| 8 | मंडी | 14619 | 54 | 14565 |
| 9 | शिमला | 8662 | 49 | 8613 |
| 10 | सिरमौर | 5970 | 46 | 5924 |
| 11 | सोलन | 5629 | 38 | 5591 |
| 12 | ऊना | 5840 | 166 | 5674 |
| कुल | - | 86204 | 742 | 85462 |
हेलिकाप्टर से होगी बड़ा भंगाल पंचायत के मतदान दल और मतपेटियों की आवाजाही
राज्य निर्वाचन आयोग ने दुर्गम एवं जनजातीय क्षेत्र बड़ा भंगाल पंचायत में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को लेकर विशेष व्यवस्था लागू की है। मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से कराने के लिए हेलिकाप्टर के माध्यम से मतदान दलों, मतपेटियों और चुनाव सामग्री की आवाजाही की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी व उपायुक्त कांगड़ा को इस बारे आदेश जारी कर दिए गए हैं। आयोग ने कहा है कि बड़ा भंगाल क्षेत्र अत्यंत दुर्गम होने के कारण यहां तक पहुंचने के लिए लंबा पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। क्षेत्र के लगभग 72 मतदाताओं तथा चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में मतदाताओं के अधिकार को सुरक्षित रखने और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। बड़ा भंगाल पंचायत के सभी वार्डों के लिए केवल एक अतिरिक्त मतदान केंद्र स्थापित किया जाएगा। पंचायत का मतदान प्रथम चरण में 26 मई को होना है। अतिरिक्त मतदान केंद्र पर मतदान कराने के लिए अलग मतदान दल का गठन किया जाएगा। म
तदान दल अपने साथ तीन मतपेटियां लेकर जाएगा, ताकि सभी पदों के लिए पर्याप्त व्यवस्था बनी रहे। जिला प्रशासन की ओर से चुनाव सामग्री एवं सुरक्षा प्रबंध समय रहते पूरे किए जाएंगे। आदेशों में कहा गया है कि एक मतपेटी में जिला परिषद और पंचायत समिति के मत डाले जाएंगे, जबकि दूसरी मतपेटी में प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के मत रखे जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर तीसरी मतपेटी का उपयोग किया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद मतदान दल मतपेटियों और अन्य चुनाव सामग्री को हेलिकाप्टर के माध्यम से बीड़ लाएगा। वहां से पंचायत समिति और जिला परिषद की मतपेटियों को निर्धारित स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा, जबकि प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों की मतपेटियों को अलग सुरक्षित कक्ष में रखा जाएगा। पूरी प्रक्रिया संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों की निगरानी में होगी। आयोग ने मतगणना के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मतगणना की तिथि अलग से घोषित की जाएगी और उम्मीदवारों तथा उनके एजेंटों को 24 घंटे पूर्व सूचना दी जाएगी। मतों की गिनती के दौरान वार्ड वार मतपेटियों का मिलान बैलेट पेपर अकाउंट से किया जाएगा।