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HP Board: बदलेगा प्रश्नपत्रों का पैटर्न, बढ़ेंगे एमसीक्यू, रट्टा संस्कृति रुकेगी; 2026 में लागू होंगे नए बदलाव
Tue, 22 Jul 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
विपिन चौधरी, धर्मशाला
विपिन चौधरी, धर्मशाला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 22 Jul 2025 05:00 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड प्रश्नपत्र में बहुविकल्पीय प्रश्नों (एमसीक्यू) की संख्या 20 से बढ़ाकर 25 से 30 तक की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला
- फोटो : संवाद न्यूज एंजेसी
विस्तार
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड एक बार फिर प्रश्नपत्रों के पैटर्न में बदलाव करने जा रहा है। मार्च 2026 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं से नया पैटर्न लागू होगा। प्रश्नपत्र में बहुविकल्पीय प्रश्नों (एमसीक्यू) की संख्या 20 से बढ़ाकर 25 से 30 तक की जाएगी। रट्टा मारने की प्रवृत्ति को कम करने के उद्देश्य से ऐसे प्रश्न पूछे जाएंगे जो विद्यार्थियों की तार्किक और विश्लेषणात्मक सोच को परखेंगे।
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शिक्षा बोर्ड का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी स्कूली स्तर से ही शुरू होनी चाहिए। इसी दिशा में बहुविकल्पीय प्रश्नों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है, ताकि विद्यार्थियों की समझ, तर्क क्षमता और विषय पर पकड़ को परखा जा सके। नए पैटर्न में ऐसे सवालों को प्राथमिकता दी जाएगी जो पाठ्यपुस्तक के किसी भी हिस्से से पूछे जा सकते हैं। इसका उद्देश्य छात्रों में गहराई से पढ़ने की आदत डालना और रट्टा मारने की परंपरा को समाप्त करना है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष लगभग एक दशक बाद स्कूल शिक्षा बोर्ड ने प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव किया था। मार्च 2025 की परीक्षाओं में 40 प्रतिशत आसान, 35 प्रतिशत सामान्य और 25 प्रतिशत कठिन प्रश्न पूछे गए। नए पैटर्न में खासकर बहुविकल्पीय प्रश्नों को ज्यादा महत्व दिए जाने के लिए विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी।
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स्कूल शिक्षा बोर्ड मार्च 2026 में होने वाली परीक्षाओं के दौरान प्रश्नपत्रों में बदलाव करेगा। बहुविकल्पीय प्रश्नों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि स्कूली बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सक्षम बनाया जा सके। इसके अलावा नए पैटर्न में किताब से कहीं से भी प्रश्न पूछे जाएंगे, ताकि रट्टा मारने की प्रथा को कम किया जा सके। -डॉ. मेजर विशाल, सचिव, स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला
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