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Himachal Pradesh: हिमाचल की सुक्खू सरकार लेगी 1300 करोड़ रुपये का ऋण, विकासात्मक कार्यों पर खर्च करने का तर्क
Sun, 27 Apr 2025 04:13 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 27 Apr 2025 04:13 PM IST
सार
कर्ज के जाल में फंसी हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार इस वित्त वर्ष में 1300 करोड़ का ऋण लेगी। ऋण लेने के पीछे तर्क दिया गया है कि ये पैसा विकासात्मक कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल सरकार इस वित्त वर्ष में 1300 करोड़ का ऋण लेगी। 10 साल की अवधि के लिए यह ऋण लिया जाएगा। शनिवार को वित्त विभाग ने राजपत्र में इस बाबत अधिसूचना जारी की। विकासात्मक कार्यों पर खर्च करने के लिए ऋण लेने का तर्क दिया गया है। राज्य के कर्मचारियों के वेतन व पेंशन के भुगतान के बाद कोषागार के बैलेंस के लिए अतिरिक्त ऋण की व्यवस्था करने के लिए सरकार ऋण ले रही है।
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बता दें कि 500 करोड़ का ऋण 7 साल के लिए लिया जाएगा, जबकि 800 करोड़ का ऋण 9 सालों के लिए लिया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले ही महीने में दूसरी बार सरकार ऋण लेने जा रही है। नए वित्त वर्ष के पहले ही महीने में दूसरी बार ऋण लेने जा रही है। 800 करोड़ का लोन 9 साल के लिए लिया जाएगा, यानि 30 अप्रैल 2034 तक इसकी अदायगी करनी होगी। 30 अप्रैल को ऋण की यह राशि राज्य सरकार को प्राप्त हो जाएगी। जबकि 500 करोड़ का ऋण 30 अप्रैल 2032 तक वापस करना होगा। प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार की ओर से ऋण लेने को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है।
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इस वजह से लिया जा रहा कर्ज
वहीं, ऋण लेने के पीछे तर्क दिया गया है कि विकासात्मक कार्यों पर इसे खर्च किया जाएगा। राज्य के कर्मचारियों के वेतन व पेंशन के भुगतान के बाद कोषागार के बैलेंस के लिए अतिरिक्त ऋण की व्यवस्था करनी पड़ रही है। राज्य सरकार ने मई महीने में कर्मचारियों की डीए की किश्त की अदायगी की घोषणा की है।
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