हिमाचल प्रदेश: चलवाड़ा स्कूल का दर्जा बढ़ा, भवन वही पुराना, खुले आसमान के नीचे पढ़ रहे बच्चे; जानें विस्तार से
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चलवाड़ा जिसके भवन की बात करें तो दीवारों और छत में दरारें और सीलन साफ नजर आती है। छात्रों को खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। पढ़ें पूरी खबर...
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शिक्षा विभाग के तमाम दावों के बावजूद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चलवाड़ा के भवन की हालत खस्ता है। स्कूल का दर्जा बढ़ाकर दस जमा दो कर दिया गया, लेकिन भवन की स्थिति जस की तस रही। कमरों की संख्या में कोई इजाफा नहीं हुआ, उल्टे पुराने भवन की दीवारों और छत में दरारें और सीलन साफ नजर आती है। स्कूल भवन का प्लास्टर भी जगह-जगह से उखड़ चुका है। इससे इन कमरों में पढ़ाई करवाना खतरे से खाली नहीं। छात्रों को खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। स्कूल भवन में कुल सात कमरे हैं। पांच की हालत जर्जर है।
स्कूल में न तो लाइब्रेरी है और न ही स्टाफ रूम। हैरान करने वाली बात है कि स्कूल में स्मार्ट रूम के लिए सामान दो साल पहले पहुंच गया है, लेकिन स्मार्ट कक्षा को शुरू करने के लिए कमरा न होने के कारण सामान धूल फांक रहा है। स्कूल में छठी से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं चलती हैं, जिसमें 107 विद्यार्थी डर के साये में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
भाजपा सरकार के दौरान स्कूल के लिए नई बिल्डिंग का कार्य शुरू किया गया था, अभी निर्माण कार्य बजट के अभाव में अधर में लटक गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्तमान सरकार इस दिशा में गंभीर नहीं हैं और निर्माण के लिए आवश्यक बजट तक जारी नहीं किया जा रहा है।
स्कूल में खेल का मैदान भी नदारद है। चार साल पहले खेल मैदान बनाने का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन निर्माण में अनियमिताओं के चलते विवादों से घिर गया। इसके चलते वह भी अधूरा रह गया। अब विभागीय जांच चल रही है और मैदान का निर्माण थम चुका है। खेलों में रुचि रखने वाले छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का कोई मंच नहीं मिल पा रहा है। इधर, स्कूल में राजनीतिक शास्त्र, पीटीआई और चपरासी के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विशेषकर राजनीतिक शास्त्र विषय के विद्यार्थी पाठ्यक्रम पूरा नहीं कर पा रहे। वहीं पीटीआई की अनुपस्थिति में खेल गतिविधियों में भी ठहराव आ गया है।