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Himachal News: राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने उठाई आवाज, हिमाचल को मिले डेडिकेटेड कैंसर हॉस्पिटल
Thu, 27 Mar 2025 05:13 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 27 Mar 2025 05:13 PM IST
सार
सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने राज्यसभा में हिमाचल के लिए डेडिकेटेड कैंसर अस्पताल स्थापित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी अब हिमाचल में तेजी से पैर पसार रही है। पढ़ें पूरी खबर...
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राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार
- फोटो : संसद टीवी
विस्तार
राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने सदन में हिमाचल प्रदेश के लिए एक समर्पित (डेडिकेटेड) कैंसर अस्पताल स्थापित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कैंसर रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनके इलाज के लिए कोई विशेष अस्पताल नहीं है।
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डॉ. सिकंदर कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रयासों से हिमाचल को चार नए मेडिकल कॉलेज (चंबा, नाहन, हमीरपुर और मंडी) तथा एक एम्स (बिलासपुर) की सौगात मिली है। उन्होंने सदन को जानकारी दी कि इन चारों मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि एम्स बिलासपुर में कई विभाग शुरू हो चुके हैं, जो प्रदेशवासियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
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हिमाचल में तेजी से बढ़ रहे कैंसर मरीज
सांसद सिकंदर कुमार ने चिंता जताई कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी अब तेजी से पैर पसार रही है। पहले यह रोग सीमित संख्या में लोगों को प्रभावित करता था, लेकिन अब हर आयु वर्ग बच्चे, युवा और बुजुर्ग इसकी चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि हर पांच में से एक व्यक्ति को अपने जीवनकाल में कैंसर होने की संभावना रहती है, जबकि प्रत्येक नौ में से एक पुरुष और 12 में से एक महिला की मौत इस रोग के कारण होती है।
हिमाचल में उपचार की पर्याप्त सुविधा नहीं
डॉ. सिकंदर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कैंसर मरीजों के इलाज के लिए उचित सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, 7 मार्च 2025 को एम्स बिलासपुर में पैट स्कैन मशीन का शुभारंभ किया गया है, जिससे कैंसर रोग की सटीक पहचान हो सकेगी। यह प्रदेश का पहला अस्पताल है जहां इस उन्नत तकनीक की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
सांसद सिकंदर कुमार ने चिंता जताई कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी अब तेजी से पैर पसार रही है। पहले यह रोग सीमित संख्या में लोगों को प्रभावित करता था, लेकिन अब हर आयु वर्ग बच्चे, युवा और बुजुर्ग इसकी चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि हर पांच में से एक व्यक्ति को अपने जीवनकाल में कैंसर होने की संभावना रहती है, जबकि प्रत्येक नौ में से एक पुरुष और 12 में से एक महिला की मौत इस रोग के कारण होती है।
हिमाचल में उपचार की पर्याप्त सुविधा नहीं
डॉ. सिकंदर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कैंसर मरीजों के इलाज के लिए उचित सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, 7 मार्च 2025 को एम्स बिलासपुर में पैट स्कैन मशीन का शुभारंभ किया गया है, जिससे कैंसर रोग की सटीक पहचान हो सकेगी। यह प्रदेश का पहला अस्पताल है जहां इस उन्नत तकनीक की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने बताया कि शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) को क्षेत्रीय कैंसर केंद्र घोषित किया गया है, लेकिन यहां भी सीमित सुविधाएं ही उपलब्ध हैं। आईजीएमसी में जनरल सर्जरी विभाग के अंतर्गत सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में केवल एक सहायक प्रोफेसर स्तर के सर्जन कार्यरत हैं, जिससे नियमित सर्जरी कर पाना मुश्किल हो जाता है।
केंद्र सरकार से की विशेष अस्पताल की मांग
सांसद सिकंदर कुमार ने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश में एक डेडिकेटेड कैंसर अस्पताल स्थापित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा और इस गंभीर बीमारी की रोकथाम एवं उपचार में मदद मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार हिमाचल के हित में इस महत्वपूर्ण मांग पर गंभीरता से विचार करेगी।
केंद्र सरकार से की विशेष अस्पताल की मांग
सांसद सिकंदर कुमार ने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश में एक डेडिकेटेड कैंसर अस्पताल स्थापित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा और इस गंभीर बीमारी की रोकथाम एवं उपचार में मदद मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार हिमाचल के हित में इस महत्वपूर्ण मांग पर गंभीरता से विचार करेगी।