फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Public interest litigation filed on the issue of private land inside forest land notice to the govt

Himachal News: जंगल की जमीन के अंदर निजी भूमि के मुद्दे पर जनहित याचिका दायर, सरकार को नोटिस

Fri, 31 Oct 2025 01:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 31 Oct 2025 01:00 AM IST
सार

जंगल के भीतर निजी भूमि के मुद्दे को लेकर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। जनहित याचिका में बताया गया है कि निजी भू-मालिकों ने धीरे-धीरे जंगल की जमीन पर अतिक्रमण करना और उसे अपने उपयोग के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। 

विज्ञापन
Himachal Public interest litigation filed on the issue of private land inside forest land notice to the govt
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में जंगल के भीतर निजी भूमि के मुद्दे को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है। खंडपीठ ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए राज्य और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किए हैं। इस जनहित याचिका में हाईकोर्ट में पहले से दायर जंगल में आग के मुद्दे से संबंधित एक रिट याचिका में पारित 28 अगस्त के आदेशों का हवाला दिया गया है, जिसमें बताया गया है कि हिमाचल प्रदेश राज्य में वन भूमि के भीतर निजी भूमि के कुछ हिस्से मौजूद हैं।

विज्ञापन


आदेश में कहा गया था कि यह स्थिति केवल हिमाचल प्रदेश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय घटना है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर संघ और राज्य दोनों स्तरों पर एक व्यापक नीतिगत दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसके तहत जंगलों के भीतर स्थित भूमि का आदान-प्रदान किया जा सके और निजी भू-मालिकों को आवश्यक अनुमतियों के साथ वन भूमि के किनारे पर स्थानांतरित किया जा सके।
विज्ञापन


जनहित याचिका में बताया गया है कि निजी भू-मालिकों ने धीरे-धीरे जंगल की जमीन पर अतिक्रमण करना और उसे अपने उपयोग के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। इसके कारण, ऐसी वन भूमि का रखरखाव बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और वन विभाग के लिए भी इसका प्रबंधन करना मुश्किल हो गया है। न्यायालय का मानना है कि यह कदम संघ, राज्य, हरित आवरण और निजी भू-मालिकों के हितों को संतुलित करेगा और भूमि जोत के समेकन के सिद्धांतों के अनुरूप होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed