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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Preparations underway to increase doctors stipend by 50 to 170 percent

Himachal: चिकित्सकों के स्टाइपंड में 50 से 170 फीसदी तक बढ़ोतरी की तैयारी, अगली कैबिनेट बैठक में होगी चर्चा

Thu, 05 Dec 2024 04:32 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 05 Dec 2024 04:32 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश में सरकार डॉक्टरों के स्टाइपंड में 50-170 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकती है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि डॉक्टरों को मिलने वाले स्टाइपंड में बढ़ोतरी कर प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने का प्रयास होगा।

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Himachal Preparations underway to increase doctors stipend by 50 to 170 percent
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल में सीनियर रेजिडेंट (एसआर), स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी पूरा करने के लिए राज्य सरकार महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। अब तक कम स्टाइपंड मिलने के कारण प्रदेश के डॉक्टर इन पदों पर जाने से कतरा रहे थे, जिस कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अब सरकार ने स्टाइपंड में 50 से 170 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं। इस पर मंत्रिमंडल की 12 दिसंबर को होने वाली बैठक में चर्चा हो सकती है। राज्य सरकार डॉक्टरों के स्टाइपंड में 50-170 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकती है। इससे ने केवल डॉक्टरों की कमी दूर होगी। बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं सुधरेंगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि डॉक्टरों को मिलने वाले स्टाइपंड में बढ़ोतरी कर प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने का प्रयास होगा। सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को भी वर्तमान में 60 से 65 हजार रुपये प्रति माह स्टाइपंड के तौर पर दिए जाते हैं। इसे बढ़ाकर 1.75 लाख रुपये किया जा सकता है। वहीं, सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों और ट्यूटर स्पेशलिस्ट को 60-65 हजार रुपये स्टाइपंड मिलता है। इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जा सकता है।

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सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले दिन से ही स्वास्थ्य क्षेत्र पर फोकस किया है। प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र का बुरा हाल पिछली सरकार से हमें विरासत में मिला है। कैंसर के मामले में प्रदेश उत्तर पूर्व के बाद दूसरे स्थान पर है। इसलिए वर्तमान राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए कदम उठा रही है। हम स्वास्थ्य क्षेत्र का आधारभूत ढांचा मजबूत कर रहे हैं। डॉक्टरों की कमी को दूर किया जा रहा है।

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