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International Museum Day: राज्य संग्रहालय ने संजोए हैं शवागार संस्कृति के अवशेष, 1700 साल पुराने; जानें

Sun, 18 May 2025 12:02 PM IST
अंकेश डोगरा भारती शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
भारती शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 18 May 2025 12:02 PM IST
सार

International Museum Day: अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस हर साल 18 मई को मनाया जाता है। इसी कड़ी में जानते हैं हिमाचल प्रदेश राज्य संग्रहालय शिमला की कहानी जहां सबसे अधिक ऊंचाई में मिले शवागार संस्कृति के अवशेष संरक्षित हैं। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal Pradesh state museum has preserved the remains of the cemetery culture
राज्य संग्रहालय में रखे गए शवागार संस्कृति के अवशेष । - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हिमाचल प्रदेश राज्य संग्रहालय शिमला में सबसे अधिक ऊंचाई में मिले शवागार संस्कृति के अवशेष संरक्षित हैं। इसमें मनुष्य के शरीर का पूरा कंकाल शामिल है। यह अवशेष स्पीति की किब्बर घाटी में समुद्र तल से 14 हजार 400 फीट की ऊंचाई पर मिले हैं। इन्हें संरक्षित करने वाला यह देश का अपनी तरह का पहला संग्रहालय है। शवागार संस्कृति में शव के साथ बर्तन आदि भी दफनाए जाते थे। राज्य संग्रहालय शिमला की टीम ने यह अवशेष 2017 में ढूंढे थे। इसके बाद अमेरिका के फ्लोरिडा से इनकी कार्बन डेटिंग करवाई गई। इसमें पता चला कि अवशेष 1700 साल पुराने हैं। इसमें हड्डियों के साथ कुछ मिट्टी के बर्तन भी  दफन किए हुए मिले। इसके बाद इसे संग्रहालय में संजो कर रखा गया। 

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इस टीम का नेतृत्व संग्रहालय के अध्यक्ष डॉ. हरी चौहान ने किया था। डॉ. हरी चौहान ने बताया कि यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन) की संग्रहालय की लिस्टों में राज्य संग्रहालय का नाम भी शामिल है। यह हिमाचल के लिए गर्व की बात है। संग्रहालय में मूर्तियों, पहाड़ी, राजस्थानी, मुगल लघु चित्रों, भित्ति चित्रों, रेखाचित्रों, समकालीन चित्रों, कांस्य, हथियारों, लकड़ी की नक्काशी, सिक्कों, आभूषणों, सजावटी कलाओं, वस्त्रों, डाक टिकट संग्रह, और अन्य पुरातात्विक अवशेषों का समृद्ध संग्रह है। उन्होंने बताया कि संग्रहालय में मिनिएचर पेंटिग का बहुत अच्छा कलेक्शन है। इसमें 16वीं शताब्दी के बाद का देवी महात्मा पेंटिंग का सैट है, जो दुर्लभ है। इसके अलावा 16वीं शताब्दी के बाद के पहाड़ी लघु चित्र भी हैं।

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हिमाचल प्रदेश में सरकार के अधीन चार संग्रहालय हैं। जिसमें हिमाचल प्रदेश राज्य संग्रहालय शिमला, भूरी सिंह संग्रहालय चंबा, कांगड़ा कला संग्रहालय धर्मशाला, लाहौल स्पीति जनजातीय संग्रहालय केलांग शामिल हैं। इन सभी में 18 मई को अंतराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य संग्रहालयों के महत्व को उजागर करना है।  

राज्य राज्य संग्रहालय के अध्यक्ष डॉ. हरी चौहान ने बताया कि राज्य संग्रहालय देश के अग्रणी संग्रहालयों में से एक है। जब भी भारत सरकार द्वारा विदेशों में किसी भी तरह कला व संस्कृति से संबंधित प्रदर्शनी लगाई जाती है तो राज्य संग्रहालय से वहां के लिए कलाकृतियों को भेजा जाता है। इसके अलावा हिमाचल में पुरातात्विक खनन में उपलब्ध हुए छठी शताब्दी ईसा पूर्व के मिट्टी के बने बर्तन भी संग्रहालय में मौजूद हैं। यह किन्नौर में मिले हैं। 

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संग्रहालय दिवस क्यों मनाया जाता है ?
संग्रहालय दिवस प्रत्येक वर्ष 18 मई को मनाया जाता है, ताकि संग्रहालयों के महत्व को उजागर किया जाए और लोगों में सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, और वैज्ञानिक धरोहर के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। यह दिन संग्रहालयों की भूमिका को रेखांकित करता है, जो समाज को शिक्षित करने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने, और विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसकी शुरुआत 1977 में इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ म्यूजियम्स द्वारा की गई थी। 
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