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हिमाचल: स्कूलों में किचन गार्डन बनाने में हिमाचल देश में 5वें स्थान पर, मिड डे मील में परोसी जा रहीं सब्जियां

Tue, 28 Oct 2025 03:00 AM IST
अंकेश डोगरा अनिमेष कौशल, शिमला।
अनिमेष कौशल, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 28 Oct 2025 03:00 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश ने एक बार फिर शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रदेश के 13,307 सरकारी स्कूलों में अब बच्चे खुद अपने हाथों से सब्जियां उगाते हैं और वही ताजी सब्जियां मिड डे मील में परोसी जा रही हैं। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal Pradesh ranks 5th in the country for setting up kitchen gardens in schools
किचन गार्डन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सरकारी स्कूलों में किचन गार्डन बनाने में हिमाचल प्रदेश ने बाजी मारते हुए देश में 5वां स्थान प्राप्त किया है। लक्षदीप, असम, चंडीगढ़ और ओडिशा के बाद हिमाचल के 90 फीसदी स्कूलों में मिड डे मील में ताजा सब्जियां पराेसी जा रही हैं।

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प्रदेश के कुल 14,725 स्कूलों में से 13,307 में एमडीएम कार्यकर्ता विद्यार्थियों के सहयोग से किचन गार्डन की देखभाल कर रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय की ओर से हाल ही में जारी की गई यू डाइस रिपोर्ट 2024-25 में हिमाचल प्रदेश सरकार की इस योजना को सराहा गया है। रिपोर्ट के अनुसार लक्षदीप में 100 फीसदी, असम में 98.5 फीसदी, ओडिशा में 97.5 फीसदी और चंडीगढ़ में 98.3 फीसदी सरकारी स्कूलों में किचन गार्डन स्थापित किए गए हैं। हिमाचल प्रदेश ने एक बार फिर शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।

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प्रदेश के 13,307 सरकारी स्कूलों में अब बच्चे खुद अपने हाथों से सब्जियां उगाते हैं और वही ताजी सब्जियां मिड डे मील में परोसी जा रही हैं। शिक्षा विभाग की ओर से मिड डे मील कार्यकर्ता, स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों के सहयोग से हर स्कूल में छोटा किचन गार्डन तैयार किया गया है। इस पहल का मकसद केवल मिड डे मील में ताजगी और पोषण बढ़ाना ही नहीं, बल्कि बच्चों को खेती और प्रकृति के प्रति जागरूक करना भी है। किचन गार्डन के रखरखाव के लिए इको क्लब और स्कूल प्रबंधन समितियां जिम्मेदारी निभा रहीं हैं। इको क्लबों से बजट का उपयोग इसके लिए किया जा रहा है। नियमित रूप से निरीक्षण भी किए जाते हैं ताकि पौधों की सिंचाई, खाद और फसलों की सुरक्षा में कोई लापरवाही न हो। कई स्कूलों में स्थानीय पंचायतें और महिला मंडल भी इस कार्य में सहयोग दे रहे हैं।

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विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पहले जहां मिड डे मील में अक्सर बाहर से खरीदी गई सब्जियां उपयोग होती थीं, वहीं अब बच्चों को स्कूल परिसर में उगाई गई ताजी और जैविक सब्जियां परोसी जा रही हैं। इससे भोजन का स्वाद और गुणवत्ता दोनों बढ़े हैं।

पोषण स्तर और भोजन ग्रहण करने की रुचि में आया सुधार...
स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि हिमाचल के हर सरकारी स्कूल को आत्मनिर्भर बनाना हमारा लक्ष्य है। किचन गार्डन के माध्यम से बच्चे पर्यावरण के प्रति सजग हो रहे हैं और खुद उगाई सब्जियां खाने का गर्व महसूस कर रहे हैं। जिन स्कूलों में किचन गार्डन सक्रिय हैं, वहां बच्चों के पोषण स्तर और भोजन ग्रहण करने की रुचि में सुधार दर्ज किया गया है।
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