{"_id":"686fd8f8628c5429250d5e0b","slug":"himachal-pradesh-protests-and-gate-meetings-banned-in-official-premises-of-electricity-board-2025-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल प्रदेश: बिजली बोर्ड के आधिकारिक परिसरों में विरोध प्रदर्शनों और गेट मीटिंग पर लगा प्रतिबंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल प्रदेश: बिजली बोर्ड के आधिकारिक परिसरों में विरोध प्रदर्शनों और गेट मीटिंग पर लगा प्रतिबंध
Thu, 10 Jul 2025 08:45 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 10 Jul 2025 08:45 PM IST
सार
विद्युत भवन कुमार हाउस और राज्य भर के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के परिसरों में गेट मीटिंग, धरना, रैलियां, प्रदर्शन और हड़ताल सहित सभी प्रकार के विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
हिमाचल बिजली बोर्ड (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड ने विद्युत भवन कुमार हाउस और राज्य भर के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के परिसरों में गेट मीटिंग, धरना, रैलियां, प्रदर्शन और हड़ताल सहित सभी प्रकार के विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
वीरवार को बोर्ड के कार्यकारी निदेशक की ओर से जारी कार्यालय आदेश में बताया गया कि इससे कथित तौर पर आधिकारिक कामकाज बाधित हो रहा है, ध्वनि प्रदूषण हो रहा है और कार्यस्थल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। आदेश में कर्मचारियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए कथित तौर पर मजबूर या धमकाए जाने की चिंताजनक प्रवृत्ति का भी उल्लेख किया गया है। प्रदेश में किसी भी एसोसिएशन/यूनियन/संयुक्त मोर्चा को एचपीएसईबी परिसर में किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं मिलेगी।
विज्ञापन
कार्यालय प्रमुखों को इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लंघन की सूचना न देने या तथ्यों को छिपाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। आदेश का कोई भी उल्लंघन 'अनुशासन भंग करने वाला' माना जाएगा और दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन