हिमाचल प्रदेश: अब 32 हजार KM चलने पर बदलेगा गाड़ी का टायर, वित्त विभाग ने जारी किए निर्देश; जानें विस्तार से
हिमाचल प्रदेश में वित्त विभाग ने 25 साल में पहली बार गाड़ियों के टायरों की माइलेज के मानदंड बदल दिए हैं। राज्य सरकार के वित्त विभाग का तर्क है कि अब सड़कों की स्थिति ठीक होने के बाद टायरों का लाइफस्पैन बढ़ गया है, इसलिए पुराने मानदंडों को बदला जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश के सरकारी, अर्द्धसरकारी और स्वायत्त संस्थानों की गाड़ियों के टायर 18 हजार किलोमीटर चलने के बाद नहीं, बल्कि 32 हजार किलोमीटर के बाद बदले जाएंगे। वित्त विभाग ने 25 साल में पहली बार गाड़ियों के टायरों की माइलेज के मानदंड बदल दिए हैं। ई-गाड़ियों के टायर 20,500 किमी चलने के बाद बदलेंगे।
राज्य सरकार के वित्त विभाग का तर्क है कि अब सड़कों की स्थिति ठीक होने के बाद टायरों का लाइफस्पैन बढ़ गया है, इसलिए पुराने मानदंडों को बदला जा रहा है। ज्यादातर सड़कें पहले से अधिक चौड़ी और ब्लैक टॉप से युक्त हो गई हैं। प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, राज्यपाल के सचिव, विधानसभा के सचिव और हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र भेजकर उन्हें नए मानदंडों से अवगत करवा दिया है। पत्र की प्रति सभी निगमों-बोर्डों, स्वायत्त निकायों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, राज्य लोक सेवा आयोग, लोकायुक्त, हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग, सभी उपायुक्तों, सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों और सभी जिला कोषाधिकारियों को भेजी गई है।
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इस पत्र के अनुसार 9 अक्तूबर 1990 के तय मानदंडों को बदला गया है। 1990 के बाद से प्रदेश के सामान्य क्षेत्रों में किसी भी गाड़ी के टायर को 18 हजार किलोमीटर चलने के बाद बदला जाता रहा है, जबकि जनजातीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 15 हजार किलोमीटर की रही है। इस अवधि से पहले टायरों पर रबड़ चढ़ाने या पूरी तरह से रिपेयर करने के बाद इन्हें सामान्य क्षेत्रों के लिए 25 हजार किमी और जनजातीय क्षेत्रों में 20 हजार किमी के बाद बदलने का प्रावधान रहा है। नई व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग वजन की गाड़ियों के लिए यह माइलेज अलग-अलग रहेगी। इसके लिए अब सामान्य और ई-गाड़ियों की दो अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई हैं।
सामान्य गाड़ियों में 1,500 किग्रा वजन तक की गाड़ियों के टायर 24 हजार किमी के बाद बदले जाएंगे। 1,500 से 1,800 किग्रा वजन वर्ग पर 26 हजार, 1,800 से 2,500 किलो होने पर 28 हजार और 2,500 किग्रा से अधिक वजन पर 32 हजार किमी की माइलेज के बाद बदलेंगे। ई-वाहनों की श्रेणियों में 1,800 किलोग्राम तक की गाड़ियों में 20,500 किलोमीटर, 1,800 से 2,500 किलोग्राम में 24 हजार और 2,500 किलोग्राम में 27,500 किलोमीटर के बाद ही नए टायर लगाए जा सकेंगे।