{"_id":"682046aa7777e54d9e0df451","slug":"himachal-pradesh-electricity-production-increased-supply-to-other-states-from-may-15-2025-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal: बिजली उत्पादन बढ़ा, 15 मई से दूसरे राज्यों को भी सप्लाई; विभाग ने पूरी की ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal: बिजली उत्पादन बढ़ा, 15 मई से दूसरे राज्यों को भी सप्लाई; विभाग ने पूरी की ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया
Sun, 11 May 2025 12:12 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 11 May 2025 12:12 PM IST
सार
पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा, दिल्ली के अलावा झारखंड और अरुणाचल प्रदेश ने भी प्रदेश से बिजली सप्लाई लेने के लिए आवेदन किया है। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
बिजली (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पहाड़ों में बर्फ पिघलने से हिमाचल प्रदेश में बिजली उत्पादन बढ़ना शुरू हो गया है। 15 मई से दूसरे राज्यों को भी बिजली सप्लाई शुरू की जाएगी। ऊर्जा विभाग ने इस बाबत ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी है। टेंडर अवॉर्ड करने को लेकर मंथन चल रहा है। पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा, दिल्ली के अलावा झारखंड और अरुणाचल प्रदेश ने भी प्रदेश से बिजली सप्लाई लेने के लिए आवेदन किया है।
विज्ञापन
आजकल प्रदेश में अभी रोजाना करीब 500 लाख यूनिट तक बिजली उत्पादन पहुंच गया है। प्रदेश में बिजली की मांग 300 लाख यूनिट की है। ऐसे में सरप्लस करीब 200 लाख यूनिट बिजली को अन्य राज्यों को दिया जाएगा।
विज्ञापन
कुछ बिजली सप्लाई राज्यों की ओर से बेची जाएगी जबकि कुछ सप्लाई बैंकिंग आधार पर अन्य राज्यों को दी जाएगी। बैंकिंग की बिजली को सर्दियों के मौसम में वापस लिया जाएगा। सर्दियों में प्रदेश में बिजली उत्पादन कम हो जाता है। ऊर्जा विभाग के अनुसार प्रदेश की परियोजनाओं में बिजली उत्पादन 80 फीसदी तक पहुंच गया है। गर्मी में प्रदेश में बिजली की खपत कम हो जाती है। ऐसे में हर वर्ष 15 मई से 30 सितंबर तक सरप्लस बिजली को दूसरे राज्यों को दी जाती है। ऊर्जा विभाग के पास कई राज्य सरकारों सहित ऊर्जा कंपनियों ने सप्लाई लेने के लिए आवेदन आया है।
विज्ञापन
अब ऊर्जा विभाग को टेंडर अवावार्ड करने हैं। जिस राज्य की ओर से बिजली खरीद के लिए अधिक बोली लगाई गई होगी, उसे ही बिजली बेची जाएगी। पीक आवर्स में बिजली के दाम सुबह के मुकाबले अधिक रहते हैं। सुबह, दोपहर, शाम और रात के लिए बिजली बेचने के अलग-अलग दाम होते हैं।