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Himachal Pradesh: एम्स बिलासपुर में 20 छोटे-बड़े भवनों का होगा निर्माण, सुविधाओं में होगा इजाफा; जानें

Wed, 07 May 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Published by: अंकेश डोगरा Updated Wed, 07 May 2025 05:00 AM IST
सार

AIIMS Bilaspur: एम्स बिलासपुर निर्माण तीन चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में 750 में से 700 बिस्तरों वाला अस्पताल संचालित हो रहा है। 50 बिस्तर आपदा के लिए रिजर्व रखे हैं। जानें विस्तार से...

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Himachal Pradesh 20 small and big buildings will be constructed in AIIMS Bilaspur facilities will increase
एम्स बिलासपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार ने बीते सोमवार की कैबिनेट में एम्स बिलासपुर के लिए 21.9 बीघा अतिरिक्त भूमि आवंटित करने की मंजूरी दे दी है। यह भूमि जवाहर नवोदय की पहाड़ी के साथ लगती है। इसके साथ एम्स की और भी जमीन है। जमीन एम्स प्रबंधन के नाम होने के बाद यहां दूसरे चरण में भवनों का निर्माण होगा। हालांकि पहले से एम्स के नाम हुई जमीन पर दूसरे चरण का काम शुरू हो चुका है। इसमें 178 करोड़ के क्वार्टर और हॉस्टल बन रहे हैं।

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एम्स का निर्माण तीन चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में 750 में से 700 बिस्तरों वाला अस्पताल संचालित हो रहा है। 50 बिस्तर आपदा के लिए रिजर्व रखे हैं। पहले चरण में विभिन्न विभागों में मरीजों की आईपीडी चल रही है। अब दूसरे चरण में 750 और बिस्तर जोड़े जाएंगे। इसके बाद तीसरे चरण में भी 750 बिस्तरों की व्यवस्था की जाएगी। इस तरह एम्स की क्षमता 2250 बिस्तरों की होगी।
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दूसरे चरण में 20 छोटे-बड़े भवनों का निर्माण होगा। इनमें ट्रॉमा आईसीयू, अत्याधुनिक आपातकालीन ब्लॉक और हेलीपैड शामिल हैं। इस पर करीब 350 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। नए ट्रॉमा ब्लॉक में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण लगाए जाएंगे और इसकी बिस्तर क्षमता 300 होगी। हेलीपैड की सुविधा से आपातकालीन मरीजों को दूसरे जिलों से एयरलिफ्ट कर एम्स लाया जा सकेगा। इससे बिलासपुर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भी त्वरित और बेहतर इलाज मिल सकेगा।

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आपातकालीन विभाग में फिलहाल 55 बिस्तर हैं। यहां प्रतिदिन 100 से ज्यादा मरीज आते हैं। ट्रामा ब्लॉक बनने से यह दबाव कम होगा। मरीजों को त्वरित इलाज मिल सकेगा। फिलहाल प्रदेश में एम्स में ही पैट स्कैन की सेवाएं मिल रही हैं। इसके अलावा भी यहां कई अत्याधुनिक सेवाएं मरीजों को मिल रही हैं। दूसरे चरण का काम शुरू होने के बाद इसका और लाभ मिलेगा। फिलहाल दूसरे चरण में 178 करोड़ से बनाए जा रहे क्वार्टर और हॉस्टल के अलावा अन्य कोई निर्माण शुरू नहीं हुआ है। अब अतिरिक्त भूमि मिलने के बाद अन्य काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
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