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Himachal News: मनरेगा के तहत निजी कार्यों में मैटीरियल नहीं, सिर्फ होगा मजदूरी का भुगतान; सरकार ने उठाया कदम
Fri, 15 Aug 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
विपिन चौधरी, धर्मशाला
विपिन चौधरी, धर्मशाला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 15 Aug 2025 05:00 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्यों में कुछ बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के तहत अब सूबे के लोगों को मनरेगा या पंचायतों के जरिये अपने निजी कार्य करवाने के लिए सिर्फ मजदूरी का ही पैसा दिया जाएगा। इसमें प्रयोग होने वाला मैटीरियल मसलन रेत-बजरी-पत्थर और सीमेंट आदि की व्यवस्था लाभार्थी को अपने स्तर पर करनी होगी। पढ़ें पूरी खबर...
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत अब निजी कार्यों के लिए निर्माण सामग्री उपलब्ध नहीं करवाई जाएगी। लाभार्थियों को सिर्फ मजदूरी का पैसा दिया जाएगा। निर्माण कार्यों के लिए उन्हें सीमेंट और रेत-बजरी सहित निर्माण सामग्री के लिए को अपने स्तर पर उपलब्ध करवाना होगा। इसके तहत निजी स्तर पर डंगे आदि लगाने सहित अन्य निजी कार्यों में यह व्यवस्था जारी होगी।
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जानकारी के अनुसार मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्यों में कुछ बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के तहत अब सूबे के लोगों को मनरेगा या पंचायतों के जरिये अपने निजी कार्य करवाने के लिए सिर्फ मजदूरी का ही पैसा दिया जाएगा। इसमें प्रयोग होने वाला मैटीरियल मसलन रेत-बजरी-पत्थर और सीमेंट आदि की व्यवस्था लाभार्थी को अपने स्तर पर करनी होगी। यह बदलाव योजना के तहत होने वाले भ्रष्टाचार को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए किया गया है।
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उल्लेखनीय है कि पहले मनरेगा के तहत गोशाला, मुर्गी शेड, बकरी शेड, शौचालय, खेत, बागवानी, पशुपालन या मछली पालन के लिए सरकार लेबर के साथ सामग्री का भी भुगतान करती थी। लेकिन कई बार कुछ लोग फर्जी बिल बनाकर सरकार से पैसा ले लेते थे। इसी भ्रष्टाचार को रोकने के लिए मनरेगा के तहत यह बदलाव हुआ है।
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मनरेगा के तहत निजी कार्यों को करवाने के नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के तहत अब निजी कार्यों को करवाने वाले लाभार्थियों को मैटीरियल उपलब्ध नहीं करवाया जाएगा, उन्हें केवल मात्र मजदूरी का ही भुगतान किया जाएगा। - अभिनीत कात्यायन, बीडीओ, धर्मशाला।