{"_id":"6824781a108a85b82b0967bc","slug":"himachal-news-primary-teachers-continuous-hunger-strike-entered-the-19th-day-retired-officials-sat-on-strike-2025-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal News: प्राथमिक शिक्षकों का क्रमिक अनशन 19वें दिन में किया प्रवेश, सेवानिवृत्त पदाधिकारी धरने पर बैठे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News: प्राथमिक शिक्षकों का क्रमिक अनशन 19वें दिन में किया प्रवेश, सेवानिवृत्त पदाधिकारी धरने पर बैठे
Wed, 14 May 2025 04:31 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Wed, 14 May 2025 04:31 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ का क्रमिक अनशन 19वें दिन में प्रवेश कर गया है। विभाग द्वारा की गई प्रतिशोधात्मक कार्रवाई को वापस लेने की मांग करते हुए संघ ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से प्राथमिक शिक्षक संघ को वार्ता के लिए बुलाए जाने की अपील की।
विज्ञापन
19वें दिन भी राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ का क्रमिक अनशन जारी। का
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ का 26 अप्रैल से जारी क्रमिक अनशन बुधवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया। बुधवार को क्रमिक अनशन पर सेवानिवृत हो चुके प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गुरचरण सिंह बेदी, जिला मंडी के अध्यक्ष रह चुके कश्मीर सिंह यादव, जिला ऊना के अध्यक्ष रह चुके बलविंदर बैस, जगदेव सिंह जग्गी, खंड अध्यक्ष अंब दीपराज, जोगिंद्र पाल बैठे।
विज्ञापन
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गुर चरण सिंह बेदी ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा के लिए वर्ष 1984 में कांग्रेस सरकार द्वारा ही अलग निदेशालय दिया गया था और अपनी ही सरकार द्वारा किए गए कार्य को खत्म करना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्राथमिक शिक्षा के लिए पूर्व की तरह अलग निदेशालय बनाए जाने की राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की मांग का समर्थन करते हुए इसके लिए समस्त सेवानिवृत प्राथमिक शिक्षकों के सहयोग का विश्वास दिलाया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षकों पर शांतिपूर्ण रोष प्रदर्शन के बाद की गई कार्रवाई, निलंबन, झूठे मुकदमे दर्ज करना तथा अन्य दमन करने वाली नीति निंदाजनक है। भारत विश्व का सबसे बड़ा प्रजातंत्र है और इसमें हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है। यह महात्मा गांधी का देश है जिसमें धरना प्रदर्शन करना आम बात है।
विज्ञापन
विभाग द्वारा की गई प्रतिशोधात्मक कार्रवाई को वापस लेने की मांग करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से प्राथमिक शिक्षक संघ को वार्ता के लिए बुलाए जाने की अपील की। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय से सभी प्राथमिक शिक्षकों और इस विभाग से सेवानिवृत्ति प्राथमिक शिक्षकों की भावनाएं जुड़ी हुई है और इसे बंद करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षक संघ के आंदोलन में सेवानिवृत्त हजारों प्राथमिक शिक्षक भाग लेंगे और हर स्थिति में साथ खड़े रहेंगे।
विज्ञापन