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Himachal News: उच्च शिक्षा विभाग ने शिक्षा बोर्ड को नहीं दिए 44 करोड़ रुपये, जानें पूरा मामला

Tue, 15 Oct 2024 05:29 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 15 Oct 2024 05:29 PM IST
सार

शिक्षा विभाग से पैसे लेने के लिए हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन ने शिक्षा मंत्री को पत्र लिख लिखा है। बता दें कि उच्च शिक्षा विभाग ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड का 44 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है। 

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Himachal News Higher Education Department did not give Rs 44 crore to Education Board
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला - फोटो : संवाद न्यूज एंजेसी

विस्तार

उच्च शिक्षा विभाग ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड का 44 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है। पिछले तीन वर्षों की पाठ्यपुस्तकों की स्कूलों में सप्लाई करने की यह रकम विभाग के पास लंबित है। अगर शिक्षा विभाग ने जल्द भुगतान न किया तो आगामी शैक्षणिक सत्र में किताबों की प्रिंटिंग के लिए शिक्षा बोर्ड को कर्ज लेना पड़ सकता है।

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शिक्षा विभाग से पैसे लेने के लिए हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन ने शिक्षा मंत्री को पत्र लिख लिखा है। एसोसिएशन ने 15 अक्तूबर को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को बोर्ड की ओर से नौंवी और 10वीं के लिए दी पाठ्यपुस्तकों के लंबित भुगतान जल्द करने की मांग की है। एसोसिएशन के प्रधान केसी राठौर और महासचिव कुलदीप वालिया ने कहा है कि सरकार के निशुल्क पाठ्यपुस्तक स्कीम के तहत निशुल्क पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति की जाती है। उच्च शिक्षा विभाग ने 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के लिए लगभग 43-44 करोड़ रुपये की पुस्तकों की आपूर्ति का भुगतान नहीं किया है।
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उन्होंने कहा कि अगले साल के लिए पुस्तकों की छपाई होनी है। इसके लिए कागज खरीदा जाना है। इसके लिए लगभग 15 से 20 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान फर्म को करना पड़ता है। फर्म अग्रिम भुगतान के बिना कागज नहीं देती है। इसके अलावा मुद्रण और आपूर्ति पर भी अतिरिक्त व्यय होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए प्रतिमाह 5-6 करोड़ रुपये का वेतन और पेंशन पर खर्च होता है। यदि शिक्षा बोर्ड को पैसा नहीं मिला तो बोर्ड कर्मचारियों और पेंशनरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

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