Himachal News: केलांग, कोकसर में पर्यावरण का उल्लंघन, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने मांगा जवाब
केलांग और कोकसर क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान कई पर्यावरण संबंधी खामियां पाई गई हैं। जिस पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कार्यालय को एचपीपीसीबी की रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया है।
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हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचपीपीसीबी) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में एक रिपोर्ट पेश की है, जिसमें केलांग और कोकसर क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान कई पर्यावरण संबंधी खामियां पाई गई हैं। बोर्ड ने इन कमियों को देखते हुए पर्यावरणीय मुआवजा लगाने की सिफारिश की है।
ट्रिब्यूनल ने कार्यालय को एचपीपीसीबी की रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही एचपीपीसीबी को संबंधित अधिकारियों की ओर से अनुपालन सुनिश्चित करने और एसडीएम केलांग को एक रिपोर्ट छह सप्ताह के भीतर दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी को होगी।
इस मामले की सुनवाई चेयरपर्सन न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने की। मामले की सुनवाई के दौरान एसडीएम केलांग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़े। एसडीएम कल्याणी गुप्ता ने बताया कि हाल ही में उन्होंने पदभार संभाला है और वह जल्द ही उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।
इस बीच आवेदक के वकील ने तस्वीरों का हवाला देते हुए यह भी बताया कि मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी नदी के ठीक किनारे स्थापित की गई है। ट्रिब्यूनल ने एसडीएम केलांग को इस पहलू पर भी गौर करने का निर्देश दिया है। एचपीपीसीबी के वकील ने ट्रिब्यूनल को सूचित किया कि कोकसर क्षेत्र का निरीक्षण 14 मई को किया गया था। इसके बाद 29 सितंबर को केलांग का निरीक्षण हुआ। क्षेत्रीय कार्यालय एचपीपीसीबी कुल्लू की ओर से तैयार की गई निरीक्षण रिपोर्ट ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश की गई। इसमें विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) केलांग में कई कमियां पाई गई हैं।
अटल सुरंग के उत्तर पोर्टल के सामने सिस्सू-कोकसर सड़क किनारे की नालियों में और चंद्रा नदी के किनारे बीआरओ निवास के पास ठोस कचरा बिखरा हुआ पाया गया। आशंका है कि यह कचरा चंद्रा नदी के पानी की गुणवत्ता को खराब कर सकता है।
जिला मुख्यालय केलांग के पास शाकस नाला और बिलिंग नाला की पहाड़ी ढलानों पर भी कचरा डंप किया हुआ मिला। यह दर्शाता है कि घर-घर से शत-प्रतिशत ठोस कचरा इकट्ठा नहीं हो रहा है। इससे इन नालों के पानी की गुणवत्ता खराब हो सकती है।
साडा केलांग की ओर से ठोस कचरे को फेंकने/डंप करने पर जागरूकता और दंडात्मक कार्रवाई से संबंधित कोई चेतावनी साइन बोर्ड/संकेत प्रदान नहीं किए गए हैं।
बिलिंग में स्थापित मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) निरीक्षण के समय बंद और गैर-परिचालन स्थिति में पाई गईं।