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Himachal News: टीबी रोगी की सूचना देने वाले को मिलेगा 500 रुपये का इंसेंटिव, टीबी मुक्त हिमाचल के लिए बड़ा कदम
Sat, 22 Mar 2025 10:35 AM IST
अंकेश डोगरा
आदित्य सोफत, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
आदित्य सोफत, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sat, 22 Mar 2025 10:35 AM IST
सार
TB Free Himachal: क्षय रोगी की सूचना देने पर व्यक्ति को 500 रुपये का इंसेंटिव मिलेगा। यह इंसेटिव विभाग तब देगा, जब संदिग्ध क्षय रोगी टेस्ट में पॉजिटिव आएगा। इसी के साथ टीबी मरीज की देखभाल करने वाले व्यक्ति को भी एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब क्षय रोगी की सूचना देने पर व्यक्ति को 500 रुपये का इंसेंटिव मिलेगा। यह इंसेटिव विभाग तब देगा, जब संदिग्ध क्षय रोगी टेस्ट में पॉजिटिव आएगा। इसी के साथ टीबी मरीज की देखभाल करने वाले व्यक्ति को भी एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए महकमे ने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं, लोगों को इस बारे में जानकारी देने के लिए भी कहा है, जिससे टीबी मरीजों का आसानी से पता लगाया जा सके।
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बीते दो सालों से प्रदेशभर में क्षय रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसका मुख्य कारण लोगों की लापरवाही है। क्योंकि खांसी होने पर पीड़ित स्थानीय दवा दुकानों से कफ सिरप या अन्य उपचार लेकर बीमारी को दबा देते हैं। बाद में खांसी गंभीर रूप ले लेती थी। इसके बाद मरीज अस्पतालों का रुख कर रहे हैं और बलगम सैंपल की जांच करवाते हैं। ऐसे में लगातार क्षय रोगियों का आंकड़ा बढ़ रहा है।
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गौर रहे कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल को टीबी मुक्त बनाने के लिए लक्ष्य रखा है। इसके लिए प्रदेश में स्वास्थ्य महकमा कार्य कर रहा है। इन दिनों 100 दिन टीबी अभियान भी चल रहा है। घरद्वार क्षय रोगी की जानकारी स्वास्थ्य विभाग की टीम ले रही है। इसी के साथ स्क्रीनिंग कार्य चल रहा है। संदिग्ध टीबी मरीजों के घरद्वार से बलगम सैंपल लिए जा रहे हैं। अब इसमें एक ओर कदम आगे बढ़ाया है। इसमें लोगों की भागीदारी को सुनिश्चित किया जा रहा है।
देखभाल करने पर मिलेगा 1000 रुपये
टीबी मरीज के बारे में सूचना देने के साथ-साथ पॉजिटिव आने पर देखभाल करने वाले को भी इंसेंटिव दिया जाएगा। इसके लिए 1000 रुपये रखा गया है। यदि व्यक्ति छह माह या जब तक मरीज का टीबी उपचार चल रहा है, तब तक देखभाल करेगा तो उसे यह प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
टीबी मरीज के बारे में सूचना देने के साथ-साथ पॉजिटिव आने पर देखभाल करने वाले को भी इंसेंटिव दिया जाएगा। इसके लिए 1000 रुपये रखा गया है। यदि व्यक्ति छह माह या जब तक मरीज का टीबी उपचार चल रहा है, तब तक देखभाल करेगा तो उसे यह प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इसलिए महकमे ने शुरू की पहल
महकमे की रिपोर्ट के अनुसार कई बार देखने में आया है कि खांसी होने पर टीबी के टेस्ट के लिए लोग आगे नहीं आते हैं। उन्हें लंबे समय से खांसी तो रहती है। लेकिन टीबी के डर से अस्पतालों का रुख ही नहीं करते हैं। इस बारे में उनके साथ रहने वाले लोग जानते हैं। अब जानकारी रखने वाले लोग विभाग को मरीज के बारे में बताते हैं और मरीज पॉजिटिव निकलता है तो उसे इंसेंटिव का प्रावधान किया है।
महकमे की रिपोर्ट के अनुसार कई बार देखने में आया है कि खांसी होने पर टीबी के टेस्ट के लिए लोग आगे नहीं आते हैं। उन्हें लंबे समय से खांसी तो रहती है। लेकिन टीबी के डर से अस्पतालों का रुख ही नहीं करते हैं। इस बारे में उनके साथ रहने वाले लोग जानते हैं। अब जानकारी रखने वाले लोग विभाग को मरीज के बारे में बताते हैं और मरीज पॉजिटिव निकलता है तो उसे इंसेंटिव का प्रावधान किया है।
स्वास्थ्य विभाग टीबी मुक्त हिमाचल को लेकर काम कर रहा है। अब यदि कोई व्यक्ति टीबी के संदिग्ध मरीज के बारे में बताता है और उसके द्वारा बताया गया मरीज पॉजिटिव निकलता है तो उसे इंसेंटिव दिया जाएगा- डॉ. गगन, जिला कार्यक्रम अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग सोलन।