Himachal News: चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन में 90 फीसदी भूमि मालिकों को दिया मुआवजा, अब निर्माण कार्य में आएगी तेजी
चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन के बीच आने वाली जमीनों का मुआवजा न मिलने के कारण किसानों ने प्रदर्शन किया था, लेकिन अब जमीनों का मुआवजा 90 फीसदी लोगों को दे दिया गया है। वहीं, जल्द ही पेड़ों की भी मुआवजा राशि लोगों को जारी कर दी जाएगी। इससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी। पढ़ें पूरी खबर...
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चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन के बीच आने वाली जमीनों का मुआवजा 90 फीसदी लोगों को दे दिया है। इससे अब रेल लाइन बनाने के काम में तेजी आएगी। वहीं बद्दी से शीतलपुर मार्ग पर फ्लाई ओवर का कार्य भी चालू हो गया है। अब रेललाइन के बीच आने वाले पेड़ और स्ट्रक्टर की पेमेंट होना बाकी है। इन दोनों कार्य का अवॉर्ड तैयार हो चुका है और जल्द ही मकान मालिक व पेड़ों को मालिकों को इसकी मुआवजा राशि जारी कर दी जाएगी।
नौ गांवों के 300 किसानों की जमीन इस प्रोजेक्ट में आई
चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन में वर्ष 2007 केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। 2019 में सरकार ने इसे स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट के तहत लिया गया। प्रोजेक्ट में हिमाचल की 34 हेक्टेयर जमीन आई है। 9 गांवों के 300 किसानों की जमीन इस प्रोजेक्ट में आई है। इससे पहले कई किसानों ने मुआवजा न मिलने पर प्रदर्शन भी किया था। कई जगह पर काम भी रुकवाया था। मगर अब विभाग ने 90 फीसदी किसानों को जमीन का मुआवजा दे दिया है।
स्ट्रक्चर व पेड़ों की कीमत जल्द किसानों को मिलेगी
इस प्रोजेक्ट में 8 स्ट्रक्चर व पेड़ भी आ रहे हैं। अभी स्ट्रक्चर व पेड़ों की कीमत किसानों को नहीं मिली है। उन्हें भी जल्द मुआवजा राशि दे दी जाएगी। वहीं रेलवे ने बद्दी शीतलपुर मार्ग के ऊपर बनने वाले फ्लाईओवर का कार्य भी शुरू कर दिया है। इसके बनने से बद्दी से शीतलपुर गांव की ओर जाने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी, उन्हें रेलवे ट्रेक से कोई रुकावट नहीं होगी।
'90 फीसदी मुआवजा राशि लोगों को दे दी गई है'
उधर, रेलवे का कार्य देख रहे ओएसडी सुभाष सकलानी ने बताया कि 90 फीसदी मुआवजा राशि लोगों को दे दी गई है। अब केवल पेड़ों व स्ट्रक्चर की राशि देनी बाकी है। स्ट्रक्चर के कागजात किसानों ने देरी से जमा कराए हैं। वहीं पेड़ों का मूल्यांकन होने के बाद उसके अवॉर्ड तैयार हो चुके हैं। जल्द ही पेड़ों की भी मुआवजा राशि लोगों को जारी कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि रेलवे लाइन का काम तेजी से चल रहा है और जमीन को लेकर कहीं पर भी काम रुका नहीं है।