तैयारी: हिमाचल की नई औद्योगिक नीति जल्द, मशीनरी पर सब्सिडी और सस्ती बिजली का प्रस्ताव
नई औद्योगिक नीति को 11 अक्तूबर से पहले लागू हो सकती है। पुरानी औद्योगिक नीति को सरकार ने दो महीने का सेवा विस्तार दिया है और इसकी अवधि 11 अक्तूबर को पूरी हो रही है।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में नई औद्योगिक नीति को 11 अक्तूबर से पहले लागू हो सकती है। पुरानी औद्योगिक नीति को सरकार ने दो महीने का सेवा विस्तार दिया है और इसकी अवधि 11 अक्तूबर को पूरी हो रही है। इससे पहले नई नीति को अंतिम रूप देकर लागू करने की तैयारी है। प्रस्तावित नीति में प्रदेश में नए उद्योग लगाने और मौजूदा उद्योगों के विस्तार को प्रोत्साहित करने के लिए मशीनरी पर सब्सिडी देने के साथ बिजली की दरों में राहत देने का प्रावधान किया जा रहा है।
नई औद्योगिक नीति को लेकर उद्योग विभाग के अधिकारियों ने उद्योग मंत्री के साथ चर्चा कर प्रस्ताव के प्रमुख प्रावधानों पर मंथन किया है।
प्रस्ताव अब मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समक्ष रखा जाएगा
अब प्रस्ताव को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समक्ष रखा जाएगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद इसे अधिसूचित कर लागू किया जाएगा। सरकार का फोकस प्रदेश में निवेश बढ़ाने के साथ रोजगार के अवसर पैदा करने और उद्योगों को प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध करवाने पर है। सरकार ने पहले भी संकेत दिए हैं कि नई औद्योगिक नीति में निवेशकों को ज्यादा सुविधाएं देने और कारोबार करना आसान बनाने पर जोर रहेगा। मुख्यमंत्री ने जुलाई में कहा था कि नई औद्योगिक नीति अंतिम चरण में है और इसका उद्देश्य निवेश आकर्षित करने, रोजगार बढ़ाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर करना है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि नई औद्योगिक पॉलिसी तैयार है। जल्द ही इसे अधिसूचित किया जाएगा।
उद्योगों की लागत घटाने पर जोर
नई नीति में मशीनरी पर सब्सिडी का प्रावधान उद्योगों के शुरुआती निवेश का बोझ कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके अलावा बिजली की दरों में राहत मिलने से उत्पादन लागत कम करने में मदद मिल सकती है। सरकार चाहती है कि हिमाचल में स्थापित उद्योगों के साथ नए निवेशकों को भी अनुकूल कारोबारी माहौल मिले। ऐसे में नई नीति को उद्योगों के लिए प्रोत्साहन पैकेज के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि अंतिम लाभ, सब्सिडी की दर और बिजली दरों में कितनी राहत मिलेगी, यह मुख्यमंत्री की मंजूरी और अधिसूचना के बाद स्पष्ट होगा।