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Himachal Masjid Dispute: हिमाचल पहुंचे अल्पसंख्यक आयोग ने सांप्रदायिक सौहार्द की दी नसीहत

Fri, 04 Oct 2024 07:05 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 04 Oct 2024 07:05 PM IST
सार

शुक्रवार को अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की सैय्यद शहजादी ने अध्यक्षता की। वहीं, मस्जिद विवाद के बाद हिमाचल पहुंचे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने सांप्रदायिक सौहार्द की नसीहत दी है। 

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Himachal Masjid Dispute Minority Commission reached Himachal and advised for communal harmony
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य सैय्यद शहेजादी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मस्जिद विवाद के बाद हिमाचल पहुंचे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने सांप्रदायिक सौहार्द की नसीहत दी है। आयोग ने सरकार से पूछा कि इतनी ज्यादा स्थिति कैसे बिगड़ गई कि अमन और शांति के लिए मशहूर रहा हिमाचल विरोध प्रदर्शनों से सुर्खियों में बना रहा। आयोग ने यह भी पूछा कि तीन तलाक के अब तक प्रदेश में कितने मामले सामने आए हैं। इस पर आयोग ने राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की। शुक्रवार को राज्य सचिवालय में आयोग की सदस्य सैय्यद शहजादी ने यह जानकारी चाही तो अधिकारियों ने बताया कि तीन तलाक के मामलों की संख्या हिमाचल प्रदेश में लगभग नगण्य ही है। इसके बावजूद राज्यभर से इस संबंध में जानकारी जुटाकर अवगत करवा दिया जाएगा।

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने बताया कि राज्य में अल्पसंख्यकों की संख्या किन-किन जिलों में ज्यादा है। राज्य में चंबा और सिरमौर जिलों में मुस्लिम समुदाय के लोगों की जनसंख्या लगभग दो लाख के आसपास है। शहजादी ने शुक्रवार को अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। शहजादी ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अल्पसंख्यकों का समग्र कल्याण सुनिश्चित करना है। अल्पसंख्यकों के लिए शैक्षिक अवसर बढ़ाए जाएं। उनके समावेशी विकास के लिए योजनाओं का समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। अनुसूचित जाति अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण विभाग की निदेशक किरण भड़ाना ने बैठक का संचालन किया।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, पुलिस महानिदेशक डॉ. अतुल वर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अभिषेक त्रिवेदी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता आशीष सिंघमार, सचिव ग्रामीण विकास राजेश शर्मा, निदेशक ग्रामीण विकास राघव शर्मा, प्रबंध निदेशक अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम प्रदीप ठाकुर, अतिरिक्त निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग मोहन दत्त शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।

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उर्दू को ऐच्छिक विषय के रूप में शुरू करने का निर्णय
प्रदेश सरकार ने छठी से आठवीं कक्षा तक चिह्नित स्कूलों में उर्दू भाषा को ऐच्छिक विषय के रूप में आरंभ करने का निर्णय लिया है। राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित विद्यार्थियों को प्री-मैट्रिक छात्रवृति योजना, मैरिट-कम-मीन्स छात्रवृत्ति योजना और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति योजना भी कार्यान्वित की जा रही है।

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