Himachal News: एचपीयू के 200 आउटसोर्स कर्मियों की नौकरी पर संकट, कल से नहीं लिया जाएगा काम; जानें
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में आउटसोर्स आधार पर कंपनियों के माध्यम से लगे करीब दो सौ अलग अलग श्रेणी के कर्मचारियों से किसी तरह का कोई कार्य न लेने के आदेश दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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पूर्व कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार के कार्यकाल में आउटसोर्स आधार पर कंपनियों के माध्यम से लगे करीब दो सौ अलग अलग श्रेणी के कर्मचारियों के रोजगार पर संकट आ गया है। विवि प्रशासन ने इन कर्मचारियों की सेवाओं को बुधवार से ब्रेक दे दी है। सभी विभागाध्यक्षों और शाखा प्रमुखों की कुलसचिव ने बुधवार से आउटसोर्स कर्मचारियों से किसी तरह का कार्य न लेने के आदेश दिए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इनकी कंपनियों के साथ हुए करार का नवीनीकरण नहीं किया है। इसकी प्रक्रिया को छह अक्तूबर तक करने की बात कही है।
प्रशासन की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि बुधवार से आउटसोर्स कर्मचारियों से काम नहीं लिया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के इन आदेशों के बाद आउटसोर्स कर्मचारी बुधवार से कुलपति कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरु करेंगे। यह कर्मचारी पिछले करीब दस वर्षों से आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। प्रशासन के इस नए फरमान से इन कर्मचारियों के रोजगार पर संकट आ गया है। इससे कर्मचारियों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है।
आउटसोर्स कर्मचारियों ने मंगलवार को बैठक कर प्रशासन के इस फरमान के बाद सुबह दस बजे से धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। नौकरी और अपने भविष्य को लेकर कर्मचारी मांग उठाएंगे। आउटसोर्स पर लगे सैकड़ों कर्मचारियों को ब्रेक देने और करारा को रिन्यू करने के आदेशों के बाद कर्मचारियों के आंदोलन पर जाने के आदेशों के बाद विवि प्रशासन ने परिसर में अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात करने का फैसला लिया है। इसके लिए प्रशासन ने एसपी शिमला को पत्र लिखकर सुरक्षा बढ़ाने के लिए कहा है। इसमें आशंका जताई गई है कि कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भी हो सकती है। इसलिए कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की जाए।