Himachal Pradesh: उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बोरवेल का करवाना होगा पंजीकरण, नहीं तो होगी कार्रवाई
हिमाचल प्रदेश में अब उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बोरवेल और ट्यूबवेल का पंजीकरण कराना जरूरी होगा। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो उसे अवैध बोरवेल व ट्यूबवेल माना जाएगा और विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बोरवेल और ट्यूबवेल का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। भू-जल उपयोगकर्ताओं को 30 जून तक जल शक्ति विभाग के पोर्टल पर संबंधित डाटा अपलोड करना होगा। तय अवधि के बाद कोई आवेदन करता है तो उसे विभाग रद्द कर देगा। साथ ही उसे अवैध बोरवेल व ट्यूबवेल माना जाएगा और विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। इसी के साथ यदि को पंजीकरण नहीं करवाता है तो उस पर कार्रवाई की गाज भी गिरेगी। कार्रवाई करते हुए विभाग ट्यूबवेल और बोरवेल को बंद कर देगा। विभाग ने पंजीकरण का अंतिम मौका उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को दिया है। पंजीकरण के बाद विभाग की ओर से अवैध तौर पर चल रहे बोरवेल और ट्यूबवेल का आसानी से पता कर सकेगा।
भू-जल उपयोगकर्ताओं को पंजीकरण प्रमाणपत्र के लिए www.emerginghimachal.hp.gov.in व jsv.hp.nic.in पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करवाना होगा। अधिनियम की धारा 8 के तहत फॉर्म-4ए पर ऑनलाइन आवेदन 30 जून या उससे पहले कराना होगा। इसके पश्चात यह पोर्टल निष्क्रिय हो जाएंगे।