फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal High Court Significant ruling: Determining the method of recruitment and qualifications is entirely

हिमाचल हाईकोर्ट के बड़े फैसले: भर्ती का तरीका और योग्यता तय करना पूरी तरह से सरकार का विशेषाधिकार

Fri, 16 Oct 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 16 Oct 2026 05:00 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में स्पेशल एजुकेटर पदों के लिए लागू भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को पूरी तरह वैध ठहराते हुए याचिका का निपटारा कर दिया। पढ़ें हाईकोर्ट के बड़े फैसले

विज्ञापन
Himachal High Court Significant ruling: Determining the method of recruitment and qualifications is entirely
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में स्पेशल एजुकेटर पदों के लिए लागू भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को पूरी तरह वैध ठहराते हुए याचिका का निपटारा कर दिया। याचिकाकर्ताओं (विशेष शिक्षक या स्पेशल एजुकेटर के पद के लिए पात्र उम्मीदवार) ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर 10 अक्तूबर 2024 के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को चुनौती दी थी। अदालत ने याचिकाकर्ताओं के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि कोई पद 100 फीसदी सीधी भर्ती से भरा जाना चाहिए या किसी अन्य तरीके से, यह तय करना विभाग का विशेषाधिकार है। किसी भी पद के लिए भर्ती का तरीका और योग्यता तय करना पूरी तरह से सरकार और नियोक्ता का विशेषाधिकार है। 

विज्ञापन
Trending Videos

भर्ती के तरीके तय करना राज्य के अधिकार में आता है: कोर्ट
काडर का गठन, पदनाम, योग्यताएं और भर्ती के तरीके तय करना राज्य के अधिकार में आता है। अदालत ने माना कि सीधी भर्ती का नियम किसी भी पात्र व्यक्ति को प्रक्रिया में भाग लेने से नहीं रोकता, बल्कि सभी को योग्यता के आधार पर प्रतिस्पर्धा करने का निष्पक्ष अवसर प्रदान करता है। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ताओं को यह छूट दी कि यदि वे चाहें तो अपनी मांगों को लेकर सक्षम प्राधिकारी (विभाग) के समक्ष अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की पीठ ने पीतांबर दत्त वर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए यह फैसला दिया। याचिकाकर्ताओं की मांग थी कि सामान्य टीजीटी भर्ती की तरह स्पेशल एजुकेटर के पदों पर भी बैचवाइज़ भर्ती का कोटा दिया जाए। सरकार ने तर्क दिया कि यह नियम सभी संबंधित विभागों और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श के बाद बनाया गया है। 100 प्रतिशत सीधी भर्ती का मतलब है कि प्रत्येक पात्र उम्मीदवार को योग्यता के आधार पर प्रतिस्पर्धा करने का समान और निष्पक्ष अवसर मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

लूहरी प्रोजेक्ट के जमीन मालिकों को 3 महीने में दें अतिरिक्त मुआवजा : हाईकोर्ट
वहीं  प्रदेश हाईकोर्ट ने लूहरी हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के जमीन मालिकों के हक में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) को निर्देश दिया है कि वह सीधी खरीद के माध्यम से ली गई जमीनों पर भी किसानों को 3 महीने के भीतर सोलेशियम राशि (अतिरिक्त मुआवजा), अतिरिक्त वृद्धि और ब्याज का भुगतान करे।न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने राकेश कुमार और अन्य प्रभावित ग्रामीणों की ओर से दायर 19 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने कंपनी की दलीलों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि कंपनी एक तरफ तो जमीन पर बने मकानों व ढांचों के लिए सोलेशियम दे रही है, लेकिन दूसरी तरफ मूल जमीन के लिए मना कर रही है, जो पूरी तरह से गलत और अनुचित है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भले ही जमीन सीधे खरीदी गई हो, लेकिन सरकार की मंजूरी की शर्तों में साफ लिखा था कि कंपनी को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के सभी अनिवार्य प्रावधानों का पालन करना होगा। कोर्ट ने सभी याचिकाओं को स्वीकार करते हुए कंपनी को आदेश दिया है कि वह याचिकाकर्ताओं को उनकी जमीनों का सोलेशियम (कानून की धारा 30(1) के तहत), अतिरिक्त वृद्धि (धारा 30(3)) और ब्याज (धारा 80) समेत पूरा भुगतान 3 महीने के भीतर सुनिश्चित करे।

विज्ञापन

ये है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड को शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के अंतर्गत निरथ और बद्राश गांवों में 210 मेगावाट के लूहरी हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए जमीन की आवश्यकता थी। राज्य सरकार की ओर से गठित नेगोशिएशन कमेटी के माध्यम से जमीन की दरें बद्राश के लिए 40 लाख रुपये प्रति बीघा और नीरथ के लिए 50 लाख रुपये प्रति बीघा तय की गई थीं। कंपनी ने जमीन मालिकों को तयशुदा रकम तो दे दी और वहां बने मकानों/ढांचों पर सोलेशियम भी दे दिया, लेकिन मूल जमीन पर सोलेशियम (मुआवजा कानून 2013 के तहत मिलने वाला अतिरिक्त लाभ) देने से यह कहते हुए मना कर दिया कि यह जमीन सीधी खरीदी गई है। इसका औपचारिक अधिग्रहण नहीं हुआ है।

चुनाव याचिका की वैधता पर 10 सप्ताह में निर्णय लेने के उपायुक्त चंबा को निर्देश
 प्रदेश हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में याचिका दायर करने की समयसीमा को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई चुनाव याचिका तय समयसीमा के बाद दायर की जाती है तो अदालत या सक्षम प्राधिकारी के पास उस देरी को माफ करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। ऐसी स्थिति में याचिका को सीधे खारिज किया जाना चाहिए। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने यह फैसला चंबा जिले की एक पंचायत प्रधान की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने अपीलीय प्राधिकारी (उपायुक्त) को निर्देश दिया है कि वह सबसे पहले 10 हफ्तों के भीतर चुनाव याचिका के समयसीमा से जुड़े इस कानूनी पहलू पर फैसला करें।
 

याचिकाकर्ता ने  2021 में लड़ा था पंचायत प्रधान का चुनाव
याचिकाकर्ता संतोष कुमारी ने 26 मई 2021 को चंबा जिले के सलूणी विकास खंड की एक पंचायत में प्रधान पद का चुनाव लड़ा था। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी को 597 बनाम 561 वोटों से हराकर जीत हासिल की थी। इस हार से असंतुष्ट होकर विपक्षी उम्मीदवार ने सलूणी के एसडीएम के पास चुनाव याचिका दायर कर दी। एसडीएम कोर्ट ने सुनवाई के बाद संतोष कुमारी को प्रधान पद से हटाते हुए विपक्षी उम्मीदवार को विजेता घोषित कर दिया। संतोष कुमारी ने दलील दी कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत चुनाव याचिका 30 दिनों के भीतर दायर होनी अनिवार्य है। याचिकाकर्ता 26 मई को चुनी गई थी, इसलिए याचिका 25 जून तक आ जानी चाहिए थी, लेकिन इसे 8 जुलाई को बेहद देरी से दायर किया गया। हाईकोर्ट ने मामले के मेरिट पर टिप्पणी किए बिना याचिका को निपटा दिया और उपायुक्त चंबा (अपीलीय प्राधिकारी) को आदेश दिया कि वह दोनों पक्षों को सुनवाई का मौका दें और 10 सप्ताह के भीतर सबसे पहले चुनाव याचिका की समयसीमा के कानूनी सवाल पर अपना अंतिम फैसला सुनाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed