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Himachal CPS: हिमाचल हाईकोर्ट ने सभी 6 मुख्य संसदीय सचिव हटाए, जानें पद जाने के बाद क्या दी प्रतिक्रिया

Wed, 13 Nov 2024 07:37 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, ब्यूरो, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Wed, 13 Nov 2024 07:37 PM IST
सार

हिमाचल हाईकोर्ट ने सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सरकार में नियुक्त किए गए छह मुख्य संसदीय सचिवों को हाईकोर्ट ने पद से हटा दिया है। जानें पद जाने के बाद क्या दी प्रतिक्रिया... पढ़ें पूरी खबर...

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Six CPS Of Himachal Removed High Court Orders Withdrawal All Government Facilities Know Reaction
डिजाइन फोटो। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बनाए मुख्य संसदीय सचिवों को हाईकोर्ट ने तुरंत प्रभाव से पद से हटाने के आदेश दिए हैं। ऐसे में सुक्खू सरकार को बड़ा झटका लगा है। वहीं, पद जाने के बाद सभी छह विधायकों ने प्रतिक्रिया दी है। 
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सीपीएस पद जाने से नहीं पड़ता फर्क : ब्राक्टा
उच्च न्यायालय के फैसले के बाद विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने कहा कि उन्हें रोहड़ू क्षेत्र की जनता ने विधायक चुनकर विधानसभा में भेजा है। सीपीएस पद जाने से उन्हें काई फर्क नहीं पड़ता है। वह एक विधायक हैं और विधायक पद जनसेवा करने के लिए अपने आप में पर्याप्त है। विधायक के रूप में वह जनता के बीच जाते रहेंगे। विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। क्षेत्र का विकास उनकी प्राथमिकता है। 
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पूर्व सरकार का बनाया एक्ट हुआ रद्द : सुंदर
हिमाचल में सीपीएस एक्ट को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने निरस्त कर दिया है। कुल्लू से सुंदर सिंह ठाकुर भी एक साल 11 माह तक सीपीएस बने रहे। हालांकि वह उच्च न्यायालय की ओर से दिए गए फैसले के दौरान हिमाचल के बाहर दिल्ली में थे। बुधवार दोपहर ही भुंतर हवाई अड्डे से दिल्ली रवाना हुए थे। उन्होंने कहा कि यह एक कानूनी प्रक्रिया है। उन्होंने अभी उच्च न्यायालय के आदेश को नहीं पढ़ा है। उच्च न्यायालय ने पूर्व की सरकार की ओर से बनाए गए एक्ट को रद्द किया है। अब आने वाले समय में सीपीएस की नियुक्ति नहीं हो सकेगी। उन्होंने एक साल पूर्व ही प्रदेश सरकार की ओर से दी गई गाड़ी को वापस दे दिया है। दिल्ली जाने के बारे में सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि आपदा के दौरान कुल्लू और गांधीनगर के आसपास बहुत नुकसान हुआ और यहां तटीकरण करना जरूरी है। इसके लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से बजट की मांग की जाएगी। 

आदेश का सम्मान, सरकार का निर्णय मान्य : रामकुमार
दून के विधायक रामकुमार चौधरी ने कहा कि वह कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं। वह विधायक रहते हुए भी उसी तरह से लोगों की सेवा में लगे रहेंगे और इससे ज्यादा लोगों की सेवा करेंगे। प्रदेश सरकार कोर्ट के फैसले पर जो भी निर्णय लेगी वह उन्हें मान्य होगा। इससे पहले विधायक राम कुमार चौधरी ने बुधवार सुबह अपने आवास पर पत्रकारवार्ता की और उनके ऊपर लगाए गए बेबुनियाद आरोपों का खंडन किया। साथ ही दून के विकास को लेकर अपनी योजनाओं की भी चर्चा की। अपने आवास पर दोपहर का भोजन लेने के बाद यह कोटबेजा पंचायत के एक खेलकूद प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। यह पंचायत कसौली विस क्षेत्र में आती है और कसौली के विधायक अपने क्षेत्र से बाहर होने से वह यहां पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। विधायक ने बताया कि कोट बेजा पंचायत का यह क्षेत्र दून के भावगुड़ी और बांध पंचायतों के साथ पड़ता है। यहां के लोग भी इस इस आयोजन में शामिल होते हैं। 
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फैसले के बाद क्या विकल्प, विचार होगा : बुटेल
पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल ने कहा कि अभी बंगलूरू में अपने एक निजी कार्यक्रम में हैं। अभी तक हाईकोर्ट के फैसले की आई जजमेंट को भी सही से नहीं पढ़ा है। उन्हें इस बात का पता सोशल मीडिया से ही चला है। बंगलूरू से आने के बाद ही वह इसे देख पाएंगे। वह वहां पर अपने एक कार्यक्रम में व्यस्त हैं, लेकिन जो भी फैसला आया है। उस पर आगे क्या विकल्प होता है, इस पर विचार किया जाएगा। 
 

पद की लालसा नहीं, जनता की सेवा करता रहूंगा : किशोरी
सीपीएस को लेकर आए प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले के बाद विधायक किशोरी लाल ने कहा कि उन्हें पद की लालसा कभी नहीं रही। वह जनता के सेवक हैं और जनता ने उन्हें दूसरी बार विधानसभा में पहुंचाया है। वह लोगों की समस्याओं को हल करने और क्षेत्र के विकास के लिए सदैव प्रयासरत रहते हैं और मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से विकास को और अधिक गति प्रदान की जाएगी। किशोरी लाल ने बुधवार सुबह से रोजाना की तरह घर में रूटीन के कार्य किए और शिव मंदिर में पूजा अर्चना के बाद पंडोल रोड मे अपने कार्यालय में लोगों से मिलने के बाद पूर्व में निर्धारित माधो नगर में सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में शामिल हुए। दोपहर बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के धर्मशाला पहुंचने पर उनसे मिलने चले गए। 

शीर्ष नेतृत्व से करेंगे बात : अवस्थी
अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय का सम्मान करता हूं। इस बारे में मुख्यमंत्री और शीर्ष नेतृत्व से बात कर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। वीरवार को रखे गए सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। विधायक बनकर भी जनता की सेवा करता रहूंगा। बुधवार को अपने कार्यक्रमों को समाप्त करने के बाद अवस्थी दोपहर बाद शिमला लौट गया हूं। वहां पर अब वह मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे और आगामी रणनीति बनाएंगे। हालांकि अब उन्हें अपना सरकारी आवास भी खाली करना होगा। 
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