{"_id":"681b84a75c260757b20d47d1","slug":"himachal-high-court-orders-industry-to-give-15-per-cent-discount-on-electricity-tariffs-2025-05-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal News: हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश- उद्योग को बिजली शुल्क पर 15 फीसदी छूट दे सरकार, जानें विस्तार से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News: हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश- उद्योग को बिजली शुल्क पर 15 फीसदी छूट दे सरकार, जानें विस्तार से
Thu, 08 May 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 08 May 2025 05:00 AM IST
सार
सरकार को पॉलिसी के तहत उद्योग को बिजली शुल्क पर मिलने वाली 15 प्रतिशत की छूट देने के आदेश हिमाचल हाईकोर्ट ने दिए हैं। मामला क्या है जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को पॉलिसी के तहत उद्योग को बिजली शुल्क पर मिलने वाली 15 प्रतिशत की छूट देने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने कहा कि 26 अगस्त 2019 की हिमाचल प्रदेश उद्योग नीति के तहत तीन साल के लिए बिजली शुल्क पर यह छूट याचिकाकर्ता को देनी होगी।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता कुंडला लौह उद्योग ने सरकार की उद्योग नीति के तहत बिजली शुल्क में छूट न देने को अदालत में चुनौती दी है। याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि सरकार ने जो नीति बनाई है, उसके तहत जो उद्योग पात्र होंगे, उन्हें तीन साल के लिए बिजली दरों में 15 फीसदी की छूट मिलेगी, लेकिन उद्योग निदेशक की ओर यह लागू नहीं की गई।
विज्ञापन
याचिका में बताया गया है कि क्योंकि कुंडला उद्योग चिह्नित किए गए मापदंडाें को पूरा करता है, इसलिए उसे बिजली दरों में रियायत मिलनी चाहिए। नीति की धारा 16 ए और बी के तहत बिजली दरों में 15 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है लेकिन सरकार ने आज तक इन प्रावधानों को लागू नहीं किया है और किसी भी उद्योग को बिजली में छूट नहीं दी गई है। वहीं, सरकार की ओर से बताया गया कि अगर उद्योगों काे बिजली शुल्क में छूट दी जाएगी तो इससे प्रदेश को आर्थिक नुकसान होगा। महाधिवक्ता अनूप रतन ने बताया कि सरकार फैसले पर कानूनी राय लेगी, उसके बाद ही तय किया जाएगा कि आगे क्या करना है।
विज्ञापन