फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   himachal high court banned polypack junk food

हिमाचलः पॉलीपैक में जंक फूड बेचने पर प्रतिबंध

Tue, 15 Jan 2013 09:47 AM IST
शिमला/ब्यूरो
शिमला/ब्यूरो Updated Tue, 15 Jan 2013 09:47 AM IST
विज्ञापन
himachal high court banned polypack junk food

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने पॉलीथिन के पैकेट में जंक फूड बेचे जाने पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं। यह महत्वपूर्ण आदेश न्यायाधीश दीपक गुप्ता और न्यायाधीश संजय करोल की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर पारित किए। आदेश पहली अप्रैल 2013 से लागू होंगे। राज्य में सामान्य पालीथिन पहले से ही प्रतिबंधित है।

विज्ञापन

 
अदालत ने कहा कि प्लास्टिक पालीथिन नान बायो डिग्रेडबेल है। इसमें सप्लाई किए जा रहे खाद्य पदार्थों पर रोक लगाया जाना जरूरी है। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि विकसित देशों में खाद्य पदार्थों की पैकिंग शत प्रतिशत बायोडिग्रेडेबल पैक में की जाती है। इस तरह के पदार्थ जैसे की टेट्रा पैक, भारत में भी उपलब्ध है, लेकिन इसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इसका एक मुख्य कारण महंगा होना भी है। पदार्थ के महंगा होने के कारण खाद्य पदार्थों की लागत में बढ़ोतरी हो सकती है।
विज्ञापन


अदालत ने अपने आदेश में आगे कहा कि पॉली पैक में परोसी जा रही खाद्य वस्तुएं आवश्यक खाद्य पदार्थ नहीं हैं। इस स्थिति में अगर इन उत्पादों की कीमत अधिक भी होती है तो भी आम लोगों पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
हाईकोर्ट ने कहा, 'हिमाचल प्रदेश एक पर्यटन स्थल है। यहां आने वाले सैलानी इधर-उधर कूड़ा फेंकते हैं। स्थानीय निकायों के माध्यम से कूड़ा एकत्र करने के समुचित प्रबंध नहीं हैं। ऐसी स्थिति में पालीपैक प्रदेश के पर्यावरण के लिए घातक साबित हो रहे हैं।'

विक्रेता लोगों की सेहत से कर रहे खिलवाड़
अदालत के समक्ष जंक फूड की सूची भी रखी गई। बताया गया कि जंक फूड का इस्तेमाल करने से मोटापा, शुगर, उच्च रक्तचाप, ह्दयरोग, गठिया, स्पील डिस आर्डर, क्लोन कैंसर और बच्चों में मंद बुद्धि होने के मामले बढ़ रहे हैं। एक तरफ जहां सरकार लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लाखों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विक्रेता लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

जंक फूड
इन सब के मद्देनजर अदालत ने पलास्टिक पैकिंग की जगह ट्रेटा पैक, टिन पैकिंग और बायो डी ग्रेडेबल प्लास्टिक, जिसकी मोटाई बीस माइक्रो मीटर हो, के इस्तेमाल के आदेश दिए हैं। इसके अलावा कमेटी ने जंक फूड में चिप्स, वेफर, कुरकुरे, मैड एंगलस, बिस्कुट, नमकीन, लालीपाप, टाफी, कुकीज, आम पापड़, आइसक्रीम, चाकलेट, मैगी और नूडल, सूप, डीप फ्राई समोसा, पकोड़ा, पीजा, बर्गर, पैटी, फ्रेंच फाइज और शीतल पेय, पावभाजी, नान, गोलगप्पा और खाद्य पदार्थों को शामिल किया है। मामले की अगली सुनवाई 5 मार्च को होगी।


किताबें, मैगजीन, कपड़ों की पैकिंग पर भी प्रतिबंध
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में प्लास्टिक की पैकिंग कर भेजने वाली किताबों, मैगजीन, रेडीमेड कपड़ों की पैकिंग पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। इनके साथ ही बैग या किसी अन्य उत्पाद पर भी प्लास्टिक की पैकिंग मान्य नहीं होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed