{"_id":"681a0009fdecc3decc09323b","slug":"himachal-govt-will-bear-the-cost-of-bringing-natural-wheat-will-give-subsidy-at-the-rate-of-rs-200-per-quintal-2025-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal News: प्राकृतिक गेहूं लाने का सरकार वहन करेगी खर्च, 200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से देगी अनुदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News: प्राकृतिक गेहूं लाने का सरकार वहन करेगी खर्च, 200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से देगी अनुदान
Wed, 07 May 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
जसवीर ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
जसवीर ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Wed, 07 May 2025 05:00 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के उन किसानों के लिए खुशखबरी है जो प्राकृतिक गेहूं उगा रहे हैं। बता दें कि प्राकृतिक खेती से तैयार की गई किसानों की गेहूं का ट्रांसपोर्टेशन का खर्च सरकार वहन करेगी। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
गेहूं।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल में प्राकृतिक खेती से तैयार की गई किसानों की गेहूं का ट्रांसपोर्टेशन का खर्च सरकार वहन करेगी। 200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सरकार पहली बार किसानों को अनुदान देगी। सरकार का प्राकृतिक खेती के प्रति बढ़ता रुझान किसानों को लाभान्वित करेगा। किसानों को खेतों से संग्रहण केंद्र तक गेहूं लाने के लिए यह सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
सरकार की इस पहल के चलते सीधे तौर पर फायदा किसानों को होगा। जिला ऊना में कृषि विभाग की (कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण) आतमा परियोजना के तहत प्राकृतिक खेती से तैयार की गेहूं की खरीद करेगी। इसके लिए विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला में दो संग्रहण और एक ग्रेडिंग सेंटर टकारला और रामपुर में चिह्नित किए हैं। जलग्रां में स्टोरेज सेंटर भी स्थापित किया है।
विज्ञापन
जिला में 49 किसान प्राकृतिक गेहूं की खेती कर रहे हैं। विभाग ने 49.10 मीट्रिक टन प्राकृतिक गेहूं किसानों से खरीदेगा। 10 से 15 मई तक किसानों से प्राकृतिक गेहूं की खरीद की प्रक्रिया शुरू होगी। जिले में 16,858 किसान 2092 हेक्टेयर पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब से समर्थन मूल्य प्राकृतिक गेहूं का तय किया है। गेहूं खरीद के बाद अगर संग्रहण केंद्र स्थापित करने की जरूरत पड़ी, तो इस दिशा में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण आतमा ने रूपरेखा तैयार कर ली है।
विज्ञापन
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण ऊना के परियोजना निदेशक डॉक्टर वीरेंद्र कुमार बग्गा के अनुसार जिले में 16858 किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। 49 किसानों ने प्राकृतिक गेहूं की पैदावार कर आर्थिक को मजबूत किया है।