Himachal Employees: सरकार ने वार्ता को बुलाए, विशेषाधिकार प्रस्ताव वापस लेने पर अड़े कर्मचारी नेता
सचिवालय के कर्मचारी नेताओं को हिमाचल सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया, लेकिन कर्मचारी नेता अपने खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव और मेमो को वापस लेने पर ही अड़े रहे।
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राज्य सरकार ने शनिवार को सचिवालय के कर्मचारी नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया। कर्मचारी नेता अपने खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव और मेमो को वापस लेने पर ही अड़े रहे। कर्मचारी नेताओं के खिलाफ तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने विशेषाधिकार हनन की शिकायत के साथ सचिवालय प्रशासन को प्रस्ताव दिया है। कर्मचारियों ने इसे वापस लेने की मांग की। वहीं, गेट मीटिंग पर कर्मचारी नेताओं को राज्य सचिवालय प्रशासन की ओर से दिए मेमो को वापस लेने के लिए दबाव बनाया।
संजीव बोले - मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ भी जल्दी हो सकती है बैठक वार्ता से हल निकालना अच्छा
हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं महासंघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा के नेतृत्व में सचिवालय के कर्मचारी नेताओं की मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सचिव राकेश कंवर के साथ वार्ता हुई। लंबी बैठक के बाद कर्मचारी नेता संजीव ने कहा कि सरकार के साथ बात हुई है। मुख्यमंत्री अभी अस्वस्थ हैं, इसलिए उनके सचिव और सचिवालय प्रशासन के साथ बातचीत की गई है।
उन्होंने विशेषाधिकार हनन और मेमो को वापस लेने का मामला उठाया और कहा कि उसके बाद ही अगली बातचीत होगी। सीएम के सचिव ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा। पूरी वस्तुस्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत करवाया जाएगा। दो-तीन दिन में वार्ता कर समाधान करने की बात की गई है। संजीव शर्मा ने पिछले घटनाक्रम पर कहा कि जो हुआ सो हुआ। हम सकारात्मक रूप से देख रहे हैं कि वार्ता में कोई हल निकलेगा। यह हमारा परिवार है। परिवार में कहां झगड़े नहीं होते। बाद में सब ठीक हो जाता है।
उन्होंने कहा कि जो तीन किस्तें महंगाई भत्ते की देय हैं और चौथी एक जुलाई से देय होने वाली हैं। 25 को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भी चौथी किस्त देने पर निर्णय हो सकता है। कंवर के सामने मामला रखा गया कि कम से कम डीए की दो किस्तें दे दी जाएं।
कर्मचारी नेता ने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री के साथ भी बात होगी। उन्हें पूरी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री जरूर कुछ न कुछ देंगे। बड़ी मांगें यही हैं कि डीए और एरियर दिया जाए। सचिवालय में पद भरने समेत सचिवालय स्केल देने आदि मांगों पर आश्वासन दिया गया है कि 15 दिन में फिर वार्ता होगी।
एचआरटीसी कर्मियों की मांगें हल करने के लिए बनाई जाएगी कमेटी
एचआरटीसी के कर्मियों की मांगों को हल करने के लिए मुख्यालय स्तर पर कमेटी बनेगी। शनिवार को परिवहन कर्मचारी महासंघ इंटक के साथ बैठक में प्रबंध निदेशक रोहनचंद ठाकुर ने कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से लंबित रात्रि भत्ता और ओवरटाइम जारी करने का भी आश्वासन दिया। वहीं, चालक-परिचालकों के वेतन विसंगति मामले को वित्त विभाग को भेजने का फैसला लिया गया।
इंटक के प्रदेश अध्यक्ष उमेश शर्मा ने बताया कि प्रबंधन ने नियमितीकरण के लिए दोबारा दस्तावेज जमा करवाने की औपचारिकता खत्म करने, चालक परिचालकों को साप्ताहिक अवकाश देने को नीति बनाने, डीजल की अधिक खपत के कारण चालकों से की जा रही रिकवरी के मामले पर पुर्नविचार, सेवानिवृत्ति से छह महीने पहले किसी भी कर्मचारी को विभागीय ट्रेनिंग के लिए नामित न करने का आश्वासन दिया। बैठक में निगम प्रबंधन से महाप्रबंधक पवन महाजन, मंडलीय प्रबंधक देवा सेन नेगी, इंटक से नासिर मोहमद, देश राज, संजीव ठाकुर, चेत राम नायक, जग्रेश्वर सिंह, जमील खान, धनी राम, पवन सोनी, पवन सेन, खेम सिंह, अजय मौजूद रहे।
सीएम से उठाएंगे वेतनमान और भत्तों की अदायगी का मामला
परिवहन निगम के गठन के 50 साल पूरे होने पर 2 अक्तूबर को शिमला में हो रहे समारोह में इंटक के पदाधिकारी सीएम और उप मुख्यमंत्री के समक्ष मांगें उठाएंगे। इंटक के प्रदेश अध्यक्ष उमेश शर्मा ने बताया कि एचआरटीसी कर्मियों को नए वेतनमान का लाभ और लंबित भत्तों की अदायगी की मांग उठाई जाएगी।