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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Doctor Strike OPD services suspended at DDU Hospital 75 surgeries postponed at IGMC and KNH

Himachal Doctor Strike: डीडीयू में ओपीडी ठप, आईजीएमसी-केएनएच में 75 ऑपरेशन टले; बिना उपचार करवाए लौटे मरीज

Sun, 28 Dec 2025 11:31 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 28 Dec 2025 11:31 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश में डॉक्टरों की हड़ताल में मरीजों को काफी ज्यादा परेशानी हो रही है। ओपीडी न चलने से मरीजों के ऑपरेशन भी नहीं हुए।

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Himachal Doctor Strike OPD services suspended at DDU Hospital 75 surgeries postponed at IGMC and KNH
डॉक्टरों की हड़ताल मरीजों पर भारी - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे रेजिडेंट डॉक्टर और मेडिकल ऑफिसर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इस कारण अस्पताल में ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं और मरीज उपचार के लिए यहां वहां भटकते रहे। वहीं डीडीयू में ओपीडी सेवा पूरी तरह ठप रही। ओपीडी न चलने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है और कई ऑपरेशन भी नहीं हुए। आईजीएमसी और केएनएच में करीब 75 ऑपरेशन टालने पड़े हैं। आईजीएमसी में सिर्फ जरूरी ऑपरेशन ही हुए। अस्पताल में आम दिनों में 50 के करीब ऑपरेशन होते हैं लेकिन अब आठ से दस सर्जरी ही हो रही हैं। 

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इस आधार पर हर रोज करीब 40 ऑपरेशन टल रहे हैं, अब आने वाले दिनों में मरीजों को दी गई ऑपरेशन की तिथियों में भी बदलाव होना तय माना जा रहा है। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) मारपीट मामले में बर्खास्त किए डॉक्टर की सेवाएं बहाल करने की मांग कर रही है। सुबह से ही रेजिडेंट डॉक्टर और मेडिकल ऑफिसर ने अस्पताल में नियमित सेवाएं नहीं दीं। अस्पतालों में चिकित्सकों की हड़ताल की पूर्व सूचना के चलते शनिवार को मरीजों की संख्या बहुत कम रही। दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) क्षेत्रीय अस्पताल शिमला में सुबह साढ़े नौ बजे से कुछ मरीज जानकारी के अभाव में ओपीडी में उपचार करवाने के लिए पहुंच गए थे। अस्पताल के पर्ची काउंटर में पूरे दिन में करीब सौ मरीज पर्ची बनवाने के लिए पहुंचे थे।

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मुख्य गेट पर बैठे टांग पर प्लास्टर लगे पाहल के सुरेंद्र ने बताया कि आज उनका प्लास्टर कटना था, लेकिन एक्सरे सही है या नहीं यह कैसे पता चलेगा, ओपीडी में डॉक्टर नहीं हैं। कमला नेहरू अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते अब सभी रूटीन ऑपरेशन भी टल गए हैं। आमतौर पर रोजाना अस्पताल में रूटीन के औसतन 25 ऑपरेशन होते हैं। रोजाना सात से आठ आपातकालीन सर्जरी भी हो रही हैं। इसके लिए सीनियर रेजीडेंट भी सेवाएं देने के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल में शनिवार सुबह ओपीडी खुलते ही इनके बाहर महिला मरीजों की लाइनें लग गईं। 

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ओपीडी में इक्का दुक्का डॉक्टर ही तैनात रहे। इसके चलते मरीजों खासकर जांच करवाने आई गर्भवती महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ी। स्वास्थ्य जांच के लिए मशोबरा रमाबाई ने बताया कि वह सुबह 9:30 बजे अस्पताल पहुंच गई थी। ओपीडी में एक ही डॉक्टर है जिससे काफी देर से अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं आईजीएमसी में मीडिया कर्मियों को फोटो खींचने और वीडियो बनाने से सुरक्षा कर्मचारी रोकते रहे।

प्रोफेसर ने ओपीडी में किया चेकअप
आईजीएमसी में सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से शनिवार को अस्पताल में फैकल्टी सदस्य और शिक्षक चिकित्सकों ने ओपीडी संभाली। हालांकि अस्पताल में चिकित्सकों की हड़ताल पर जाने की सूचना मिलने के कारण ओपीडी में बहुत कम संख्या में मरीज आए। आपातकालीन विभाग में रेजिडेंट डॉक्टरों और अन्य चिकित्सकों ने मरीजों का उपचार जारी रखा। सबसे अधिक मरीज ऑर्थोपेडिक्स और मेडिसिन विभाग में मरीज उपचार करवाने के लिए पहुंचे थे। बाल रोग विभाग में भी कुछ मरीज डॉक्टरों के इंतजार में बैठे रहे। करसोग से ऑपरेशन से पूर्व टेस्ट करवाने के लिए आई बुजुर्ग महिला कली देवी और उनके बेटे रोशन ने बताया कि सुबह चिकित्सक उन्हें देख कर गए हैं। अब टेस्ट की रिपोर्ट दिखाने को चिकित्सक का इंतजार कर रहे हैं। ऑर्थोपेडिक्स विभाग में प्लास्टर निकलवाने आई बच्ची प्रांजल ने बताया कि मेरा प्लास्टर डॉक्टरों ने हटा दिया।

मशोबरा के ग्रामीण इलाकों में भी ठप रहीं स्वास्थ्य सेवाएं
डॉक्टरों की हड़ताल के चलते ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर शनिवार को पहुंचे मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ा। मशोबरा विकासखंड के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में शनिवार को डॉक्टरों की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं बंद रहीं। सीएचसी कोटी, पीएचसी कुफरी, जटोली और ट्रहाई में मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। सिविल अस्पताल जुन्गा, सीएचसी मशोबरा में आपातकालीन सेवाएं जारी रहीं। इससे मरीजों को थोड़ी राहत मिली। जुन्गा पंचायत के प्रधान बंसीलाल कश्यप, दरभोग पंचायत की प्रधान तनु भारद्वाज, कोटी पंचायत के प्रधान रमेश शर्मा, पूर्व प्रधान अतर सिंह ठाकुर, कुफरी पंचायत के उप प्रधान शशांक अत्री ने कहा कि सरकार को इस मामले को तुरंत सुलझाना चाहिए। 

अब पता चला ओपीडी में नहीं बैठेंगे डॉक्टर
डीडीयू अस्पताल में बेटी को स्त्री रोग विभाग में दिखाना था और टेस्ट होने थे। यहां आकर पता चला कि डॉक्टर ओपीडी में नहीं बैठेंगे। अब वापस घर जाने के अलावा कोई चारा शेष नहीं है। -रीना ठाकुर, निवासी कुफटाधार

घुटनों में है दर्द नहीं मिला उपचार
घुटनों में दर्द है, डॉक्टरों को दिखाने के लिए अस्पताल आई थी। अब ओपीडी में डॉक्टर नहीं बैठे है, तो दोबारा अस्पताल आना पड़ेगा, पता नहीं  यह हड़ताल कब तक चलेगी। -सोमा देवी, निवासी आनी

आंखों का नहीं करवा पाए उपचार

यहां आकर पता चला डॉक्टर हड़ताल पर हैं। वह कोटखाई से आखों का उपचार करवाने के लिए आई थीं। हड़ताल के कारण उपचार नहीं हो पाया है। -पिपना, निवासी कोटखाई

जांच के बाद डॉक्टरों को करना चाहिए था इंतजार : नेगी
राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने शनिवार को कहा कि राज्य में डॉक्टरों की हड़ताल से बचा जा सकता था। 
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पहले ही उनकी मांगों की जांच के आदेश दे दिए थे और चेतावनी दी थी कि ऐसी हड़तालों से मुख्य रूप से आम जनता को नुकसान होता है। मुख्यमंत्री के साथ एक दिन पहले ही बातचीत हुई थी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने उनकी सभी चिंताओं को सुना और जांच के आदेश दिए। जांच के आदेश दे दिए गए थे तो डॉक्टरों को इंतजार करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए प्रयास कर रही है। आपातकालीन सेवाओं को सुनिश्चित किया जा रहा है और बातचीत से मुद्दे को जल्द हल करने के प्रयास जारी हैं।

सोमवार को हो सकती है दिक्कत, आज इमरजेंसी सेवा मिलेगी 
शिमला शहर के अस्पतालों में रविवार के अवकाश के चलते ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी लेकिन इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी। सोमवार को अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने पर सेवाएं फिर प्रभावित हो सकती हैं। सोमवार को सप्ताह का पहला दिन होने के कारण उपचार को आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने की पूरी संभावनाएं बनी रहेंगी। वहीं अस्पताल के कार्यवाहक एमएस डॉ. प्रवीण भाटिया ने कहा कि आईजीएमसी में आपातकालीन विभाग में स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। इसमें रेजिडेंट और कंसल्टेंट डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। सेमिडकोट की ओर से बीते रोज शाम को अस्पताल प्रबंधन को दिए आश्वासन के अनुरूप शनिवार को सुबह वार्डों में मरीजों को देखने और उपचार करने के बाद कंसल्टेंट सहायक आचार्य, आचार्य और विभागाध्यक्षों ने ओपीडी में बैठकर मरीजों का चेकअप किया। ऑपरेशन भी टालने पड़ रहे हैं। 
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