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वीरभद्र का दावा: पार्टी को है मुझ पर भरोसा
संजय मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 31 Jan 2014 01:04 PM IST
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि एक साक्षात्कार में भ्रष्टाचार के मामले में कानून के अपना काम करने संबंधी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की राय से उन्हें किसी तरह की सियासी मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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उनका कहना है कि भाजपा नेता अरुण जेटली और प्रेम कुमार धूमल के लगाए गए आरोपों पर उनके जवाबों के बाद पार्टी हाईकमान ने उनसे कुछ नहीं कहा है और उनकी सफाई पर पार्टी को भरोसा है।
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वीरभद्र ने कारोबारी चंद्रशेखर की कंपनी से नकद लेन-देन को रिश्वत बताने के आरोपों को लेकर राज्यसभा में नेता विपक्ष अरुण जेटली पर ही जवाबी आरोप ठोक दिया। उन्होंने कहा कि दरअसल धूमल और उनके सांसद बेटे अनुराग ठाकुर के साथ जेटली के कुछ कारोबारी हित और रिश्ते हैं। इसलिए धूमल परिवार के साथ जेटली को छोड़ कोई भाजपा नेता उन पर आरोप नहीं लगा रहा है।
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पार्टी हाईकमान के साथ चुनाव समेत तमाम सियासी मसलों पर सलाह के लिए दिल्ली आए वीरभद्र सिंह ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व से स्प्ष्ट कहा है कि कारोबारी चंद्रशेखर से जुड़े कथित रिश्वत के जेटली और धूमल के दावे को लेकर उनके खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि के मुकदमे को वह पूरी ताकत से बढ़ाएंगे।
वीरभद्र ने कहा कि चंद्रशेखर से ली गई रकम कर्ज है और इस रकम को उनके आयकर रिटर्न में दिखाया गया है। इस रकम को वे ब्याज समेत उन्हें वापस भी करेंगे। एक चैनल पर साक्षात्कार में उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर राहुल ने कहा था कि चाहे वीरभद्र सिंह हों, अशोक चव्हाण या शीला दीक्षित, कानून अपना काम करेगा।
मगर इस टिप्पणी को अपने खिलाफ मानने से इनकार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें कुछ भी उनके खिलाफ नहीं है क्योंकि राहुल गांधी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच की स्वाभाविक प्रक्रिया से समझौता नहीं करने की बात कही है और वे खुद इससे सहमत हैं। चंद्रशेखर मामले में अपनी सफाई देते हुए वीरभद्र ने कहा कि धूमल सरकार को पूर्व में भी उन्होंने अपने खिलाफ लोकायुक्त से जांच कराने की चुनौती दी थी, मगर इसको कबूल करने की हिम्मत नहीं दिखाई।