Himachal Monsoon Session : सीएम सुक्खू बोले- पर्यटन स्थलों में बने रेस्ट हाउसों का किराया बढ़ाने पर होगा विचार
Himachal Monsoon Session 2025 : प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने मामला उठाते हुए कहा कि रेस्ट हाउसों में कम किराये पर कमरे मिलते हैं। इस कारण होम स्टे का कारोबार प्रभावित हो रहा है। जिस पर सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार प्रदेश के पर्यटन स्थलों में स्थित रेस्ट हाउसों का किराया बढ़ाने पर विचार करेगी।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार प्रदेश के पर्यटन स्थलों में स्थित रेस्ट हाउसों का किराया बढ़ाने पर विचार करेगी। कुछ क्षेत्रों के रेस्ट हाउस में पर्यटक अपने साथ खाना बनाने के लिए सामान लाते हैं, उसके लिए भी नियम तय किए जाएंगे। विश्राम गृहों की हालत सुधारने का कार्य भी किया जा रहा है। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने मामला उठाते हुए कहा कि रेस्ट हाउसों में कम किराये पर कमरे मिलते हैं। इस कारण होम स्टे का कारोबार प्रभावित हो रहा है। रेस्ट हाउस में 500 रुपये में कमरे मिल जाते हैं, जबकि होम स्टे में किराया 2000 रुपये तक होता है। रेस्ट हाउस में पर्यटक अपने साथ खाने-पीने का सामान भी लेकर आते हैं। इससे स्थानीय लोगों के रोजगार पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के लिए रेस्ट हाउसों का किराया होम स्टे की तर्ज पर करने की मांग उठाई।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में एसडीएम के माध्यम में दुग्ध सहकारी समितियों का पंजीकरण करवाया जाएगा। कांग्रेस विधायक मलेंद्र राजन ने मामला उठाया। सवाल का जवाब देते हुए कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि सहकारी समितियों को सशक्त करने के लिए सरकार तीन रुपये प्रति लीटर की दर से प्रोत्साहन राशि देती है। इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में 8 दुग्ध सहकारी समितियां पंजीकृत हैं, जिसमें से छह समितियों से दूध एकत्रित किया जा रहा है। सरकार हर दिन इन समितियों से औसतन 2720 लीटर दूध एकत्र कर रही है। किसानों का दूध खराब न हो, इसके लिए इंदौरा में रेफ्रिजरेशन की सुविधा पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार डगवार में 250 करोड़ रुपये की लागत से मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित कर रही है।
शिमला। कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने सदन में बागवानी निदेशालय को शिमला से ठियोग शिफ्ट करने का मामला उठाया। जवाब में मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि राजधानी शिमला के नवबहार स्थित बागवानी निदेशालय को शिमला से बाहर किसी दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जाएगा। वर्ष 1972 से यहां पर बागवानी निदेशालय है। विभाग के पास यहां 30 बीघा जमीन है और 412 कर्मचारी व अधिकारी यहां पर कार्यरत हैं। राठौर ने सवाल उठाते हुए कहा कि शिमला शहर में भीड़-भाड़ कम करने के उद्देश्य से विभाग के कार्यालय को ठियोग स्थानांतरित करने के लिए कोई योजना बनाई गई है या नहीं। राठौर ने कहा कि ऊपरी शिमला में बागबानी प्रमुख कार्य है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आनी के भाजपा विधायक लोकिंद्र कुमार के प्रश्न का सदन के पटल पर लिखित उत्तर दिया कि गत तीन वर्षों में 31 जुलाई 2025 तक राज्य सरकार की ओर से हर वर्ष विभिन्न सरकारी विभागों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए जारी राशि का विवरण प्रस्तुत किया गया है। वित्त वर्ष 2022-23 में 179.36 करोड़, 2023-24 में 179.03 करोड़ और 2024-25 में 189.11 करोड़ रुपये जारी किए गए। वर्ष 2025-26 में 135.22 करोड़ रुपये जारी किए गए। वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों को प्रति माह 400 रुपये की दर से चिकित्सा भत्ता जारी किया जा रहा है।