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Himachal Pradesh: स्कूलों में बच्चे पढ़ेंगे नैतिक शिक्षा का पाठ और प्रदेश का इतिहास, जानें विस्तार से

Sat, 14 Jun 2025 09:50 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला Published by: अंकेश डोगरा Updated Sat, 14 Jun 2025 09:50 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में नए अध्याय जोड़ने का फैसला लिया है, जिसमें हिमाचल का इतिहास और नैतिक शिक्षा को शामिल करने की बात कही गई है। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal Children will study Naitik Shiksha and the history of the state in schools know in detail
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला - फोटो : संवाद न्यूज एंजेसी

विस्तार

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के निदेशक मंडल की बैठक शुक्रवार को बोर्ड चेयरमैन हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में हुई। सूत्रों की मानें बैठक में बोर्ड के पाठ्यक्रम में नए अध्याय जोड़ने का फैसला लिया है, जिसमें हिमाचल का इतिहास और नैतिक शिक्षा को शामिल करने की बात कही गई है।

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बैठक में फैसला लिया है कि तीसरी से नौवीं कक्षा तक नैतिक शिक्षा और पांचवीं से नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों को हिमाचल का इतिहास पढ़ाया जाएगा। यह विषय पांचवीं से नौवीं कक्षा तक के छात्रों को पढ़ाया जाएगा। बैठक में निदेशक मंडल ने स्कूली बच्चों में नैतिक मूल्यों और अच्छे संस्कारों के विकास को बढ़ावा देने की दिशा में पहल की है। इसके तहत प्रदेश के सभी स्कूली छात्रों को नैतिक शिक्षा पढ़ाने का अहम निर्णय लिया है।
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नैतिक शिक्षा की नई पुस्तक तीसरी कक्षा से लेकर नौवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए होगी, जिसे आगामी सत्र से शुरू किया जा सकता है। बैठक में स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा, अक्षय सूद निदेशक तकनीकी शिक्षा, नवीन कुमार, डॉ. अनिल ठाकुर, कृति रोहटा, केवल राम आदि मौजूद रहे। 

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अगले सप्ताह आएगा बोर्ड की एसओएस परीक्षा का परिणाम
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अगले सप्ताह 10वीं-12वीं की एसओएस परीक्षा का परिणाम घोषित करेगा। बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि मार्च में नियमित परीक्षार्थियों के साथ ही राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) की परीक्षाएं करवाई गईं। इस दौरान हजारों विद्यार्थियों ने एसओएस की परीक्षा दी थी। बोर्ड ने परीक्षा परिणाम को घोषित करने का लक्ष्य अगले सप्ताह रखा है, ताकि परिणाम घोषित होने के बाद एसओएस से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थी भी काॅलेजों सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर सकें। 
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