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हिमाचल: कर्ज की किस्तें न भरने पर नीलाम होगा लाहौल का चंद्रमुखी होटल, प्रक्रिया शुरू; इतनी है देनदारी

Sat, 25 Oct 2025 04:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग/उदयपुर (लाहौल-स्पीति)।
संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग/उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। Published by: अंकेश डोगरा Updated Sat, 25 Oct 2025 04:00 AM IST
सार

लाहौल घाटी के चंद्रमुखी होटल को नीलाम करने की प्रक्रिया कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक ने शुरू कर दी है। बैंक की देनदारी करीब नौ से दस करोड़ हो गई है। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal Chandramukhi Hotel in Lahaul to be auctioned for non-payment of loan installments
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

लाहौल घाटी के किसानों की मेहनत और संघर्ष से खड़ा हुआ चंद्रमुखी होटल आर्थिक संकट में घिर गया है। कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक ने लगभग 10 करोड़ रुपये की देनदारी के चलते होटल को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। किसानों का कहना है कि यदि यह होटल बिक गया तो लाहौल की कृषि अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंचेगी।

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करीब 32 कमरों वाला यह होटल लाहौल पोटैटो सोसायटी (एलपीएस) का प्रमुख आय स्रोत माना जाता है। एलपीएस ने कई वर्ष पहले कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक से करीब 6.20 करोड़ का कर्ज लिया था। बैंक की देनदारी करीब नौ से दस करोड़ हो गई है। कर्ज समय पर अदा न होने के कारण ब्याज सहित एलपीएस को प्रतिमाह लगभग सवा एक करोड़ रुपये चुकाने पड़ रहे थे। समय पर किस्तें अदा न होने के कारण बैंक प्रबंधन इस संपत्ति की नीलामी करने जा रहा है।

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बैंक ने 2024 में सीज कर दिया था एलपीएस का होटल
चंद्रमुखी होटल को देनदारियां न चुकाने के कारण बैंक ने सितंबर 2024 में सीज कर दिया है। पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता रवि ठाकुर ने सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह होटल लाहौल के किसानों की वर्षों की कड़ी मेहनत और पसीने से खड़ा किया गया है। सरकार किसानों के हित को ध्यान में रखे तो इस कर्ज को माफ किया जा सकता है।

एलपीएस के होटल को बचाए सरकार : रवि
रवि ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब सरकार कांगड़ा के एक निजी होटल का 25 करोड़ का कर्ज माफ कर केस सेटल कर सकती है तो किसानों की संस्था एलपीएस के इस होटल को क्यों नहीं बचाया जा सकता। सरकार को वर्तमान एलपीएस प्रबंधन की ओर से संस्था की संपत्तियों की बिक्री से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए। किसानों ने कहा कि इस होटल की आय से संस्था के कई कल्याणकारी कार्य चलते हैं। यदि होटल नीलाम हुआ तो इससे हजारों किसानों का भविष्य प्रभावित होगा।
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