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Himachal : कांच, प्लास्टिक और एल्यूमीनियम पैकिंग में सामान खरीदने पर शुल्क, डिब्बे लौटाने पर वापस मिलेंगे पैसे

Sun, 01 Jun 2025 10:56 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 01 Jun 2025 10:56 AM IST
सार

Himachal Pradesh Plastic Waist Policy : हिमाचल प्रदेश सरकार ने डिपॉजिट रिफंड स्कीम 2025 को मंजूरी दी है, जिसके तहत उपभोक्ता जब प्लास्टिक या कांच जैसी गैर-बायोडिग्रेडेबल पैकिंग को खरीदेंगे, तो उन्हें कीमत के साथ एक अतिरिक्त जमा राशि भी देनी होगी। यह राशि तब वापस मिलेगी जब उपभोक्ता खाली पैकिंग वापस करेंगे। खुले में या वन क्षेत्रों में कांच, प्लास्टिक, एल्यूमीनियम आदि के रूप में जगह-जगह पर पड़े कचरे के निस्तारण के लिए यह फैसला लिया गया है। पढ़ें पूरी खबर...

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himachal cabinet approves trial scheme to managing biodegradable and plastic waste from tourists
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अब प्रदेश में कांच, प्लास्टिक, एल्यूमीनियम की पैकिंग में सामान खरीदने पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा। शुरुआत में कुछ पर्यटन स्थलों में पायलट आधार पर यह योजना लागू की जाएगी। योजना के सफल रहने पर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा सकता है। यह काम किसी निजी कंपनी को सौंपा जाएगा। ऐसी तमाम सामग्री पर क्यूआर कोड होगा। इसी से इसका हिसाब रखा जाएगा। खाली बोतलों, कंटेनरों और डिब्बों को लौटाने पर यह शुल्क रिफंड किया जाएगा।

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खुले में या वन क्षेत्रों में कांच, प्लास्टिक, एल्यूमीनियम आदि के रूप में जगह-जगह पर पड़े कचरे के निस्तारण के लिए यह फैसला लिया गया है। शनिवार को हिमाचल प्रदेश सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बायोडिग्रेबल कचरे के प्रभावी प्रबंधन और इसमें कमी लाने के लिए डिपॉजिट रिफंड स्कीम-2025 शुरू करने का भी निर्णय लिया गया। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि इस योजना के तहत उपभोक्ता उत्पाद की कीमत के अलावा रिफंड योग्य जमा राशि का भुगतान किया जा सकेगा, जो खाली उत्पाद को वापस करने पर लौटा दी जाएगी। योजना कांच की बोतलों, प्लास्टिक पेय कंटेनरों, एल्यूमीनियम के डिब्बों, तरल पैकेजिंग, लचीली प्लास्टिक पैकेजिंग और बहुस्तरीय पैकेजिंग की एक विस्तृत रेंज पर लागू होगी।

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कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। सड़कों के किनारे या वन क्षेत्र में पानी की बोतलें, कंटेनर, चिप्स या प्लास्टिक के पैकेट फेंके जाते हैं।  एक मामूली  सा शुल्क लिया  जाएगा। इसे क्लेक्शन सेंटर में एकत्र किया जाएगा। यह योजना ट्रायल तौर पर शुरू होगी। कोई भी चीज खरीदी तो एक शुल्क लगेगा, जब वापस आएंगे तो रिफंड हो जाएगा। यह काम किसी निजी कंपनी को दिया जा सकता है।

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शिक्षकों की सेवानिवृत्ति साल में एक बार करने का फैसला अगली कैबिनेट बैठक में
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों को साल में सिर्फ एक बार 31 मार्च को ही सेवानिवृत्त करने का फैसला कैबिनेट की आगामी बैठक में होगा। शनिवार को शिक्षा विभाग ने मंत्रिमंडल को इस बारे में प्रस्तुति दी। शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव पर कुछ मंत्रियों की ओर से सुझाव दिए गए हैं। कुछ अन्य जानकारियां भी मांगी गई हैं। अब मंत्रियों से मिले सुझावों के आधार पर दोबारा से प्रस्ताव बनाया जाएगा। एक साल के भीतर कुल कितनी सेवानिवृत्तियां हाेती हैं। किस माह में अधिक सेवानिवृत्ति के मामले सामने आते हैं। 31 मार्च या अन्य कौन से तारीख को सेवानिवृत्त किया जाना चाहिए।


 
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इन जानकारियों को शामिल कर शिक्षा विभाग को प्रस्ताव बनाने के लिए कहा गया है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो शिक्षकों की सेवानिवृत्ति 58 की जगह 59 साल में होगी। स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनाए रखने को विश्वविद्यालय की तर्ज पर सेवानिवृत्ति करने की योजना बनाई गई है। शैक्षणिक सत्र के बीच में शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने से कई स्कूलों में पूरा साल कई पद रिक्त ही रहते हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सेवानिवृत्ति को लेकर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की तर्ज पर अब स्कूलों में भी साल में एक बार ही सेवानिवृत्त करने की योजना है।

अधर में लटकी बिजली परियोजनाओं को विशेष छूट देने की तैयारी
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान ऊर्जा विभाग ने 20 से 25 वर्षों से अधर में लटकीं बिजली परियोजनाओं पर प्रस्तुति दी। किन कारणों से परियोजनाएं सिरे नहीं चढ़ पा रही हैं, इससे मंत्रिमंडल को अवगत कराया गया। निविदाएं आमंत्रित करने के बाद निवेशकों के न आने के कारणों की भी जानकारी दी गई। बैठक में फैसला लिया गया कि इन लंबित परियोजनाओं को विशेष छूट देने के लिए नया प्रस्ताव बनाया जाए। मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में ऊर्जा विभाग की ओर से इस बारे में अब प्रस्ताव लाया जाएगा। बिजली परियोजनाओं से ली जाने वाली रायल्टी को लेकर निवेशकों का क्या रुख है, इसकी जानकारी भी अगली बैठक में देने को कहा गया है। कौन सी परियोजना कितने साल से और किन कारणों से अटकी है, सीएम ने अगली बैठक में इस बाबत पूरा ब्योरा लाने को कहा है।

बद्दी, हमीरपुर और ऊना से मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तीन पद शिफ्ट: बद्दी, हमीरपुर और ऊना नगर निगम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तीन पद बदलकर पांवटा, चंबा और पपरोला नप के लिए शिफ्ट किए गए हैं।
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