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Himachal Assembly : उपमुख्यमंत्री बोले- उपायुक्त सुनिश्चित करेंगे सेस लगने से प्रदेश में महंगी न हो रेत-बजरी

Fri, 29 Aug 2025 02:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 29 Aug 2025 02:00 AM IST
सार

Himachal Vidhansabha Monsoon Session : जिला उपायुक्त सुनिश्चित करेंगे कि सेस लगने से प्रदेश में रेत-बजरी महंगी न हो। ये जानकारी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा में दी।

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Himachal Assembly Deputy CM said DC will ensure sand and gravel do not become expensive in state due to cess
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जिला उपायुक्त सुनिश्चित करेंगे कि सेस लगने से प्रदेश में रेत-बजरी महंगी न हो। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर और रणधीर शर्मा के सवाल का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आय के साधन बढ़ाने के लिए विभिन्न तरह के सेस लगाए गए हैं। जनता के कल्याण के लिए इन सेस का पैसा खर्च करने को विभाग एसओपी तैयार कर रहे हैं।
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विधायक बिक्रम ठाकुर ने सवाल उठाया कि लगाए गए 10 सेस की प्रतिशतता और उपयोगिता स्पष्ट नहीं है। कोविड सेस और एंबुलेंस सेवा फंड सेस समेत अन्य की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि कोविड सेस अब खत्म हो गया है, तो उससे एकत्रित राशि का क्या होगा। उन्होंने चंबा जिले में एंबुलेंस सेवा की खराब स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि एंबुलेंस सेवा फंड के बावजूद लोगों को निजी खर्च पर एंबुलेंस सेवा लेनी पड़ रही है। विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि रेत-बजरी और बिजली पर सेस बढ़ने से आम आदमी पर सीधा असर हो रहा है।
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गोवंश विकास निधि के सेस के बावजूद पिछले तीन माह से गोशालाओं को भुगतान नहीं हुआ है। जवाब में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार सेस के नाम पर आम जनता पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालेगी और इन सेस से प्राप्त राशि को केवल जनहित व कल्याणकारी कार्यों में ही खर्च किया जाएगा। इन दस सेस में से पांच पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगाए गए थे। सेस का भार मुख्य रूप से बड़े उद्योगपतियों, शराब कारोबारियों और ठेकेदारों पर ही डाला गया है। अधिकतर सेस शराब पर लगाए गए हैं। इससे शराब की कीमतें जरूर बढ़ी हैं, लेकिन ऐसे सेस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
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विभिन्न सेस से सरकार को हुई इतनी आय
उपमुख्यमंत्री ने मूल सवाल के जवाब में बताया कि पंचायती राज संस्था सेस से 153 करोड़, मोटर वाहन सेस से 185 करोड़, गोवंश विकास निधि से 65.35 करोड़, एंबुलेंस सेवा फंड सेस से 16.97 करोड़, मिल्क सेस से 112 करोड़, प्राकृतिक खेती सेस से 21.78 करोड़, कोविड सेस से 145 करोड़, दुग्ध उपकर से 21 लाख, बिजली बिलों पर मिल्क और पर्यावरण सेस से 10.80 करोड़ तथा लेबर सेस से 50.4 करोड़ रुपये सरकार को प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस सेवा फंड सेस से प्राप्त 16.97 करोड़ रुपये से प्रदेश के विभिन्न जिलों में 50 आपातकालीन एंबुलेंस खरीदी गई। इनमें मंडी और शिमला जिलों में 10-10, कांगड़ा में 9, सिरमौर में 5, सोलन में 4, बिलासपुर व कुल्लू में 3-3, ऊना और किन्नौर में 2-2 और हमीरपुर में एक एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई है। चंबा जिले में कोई भी एंबुलेंस नहीं खरीदी गई।

मुकेश-बिक्रम ने एक दूसरे पर खूब कसे तंज
सेस से जुड़े सवाल-जवाब के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने एक-दूसरे पर खूब तंज कसे। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि आज विधायक का जन्मदिन है, मैं इनसे उलझना नहीं चाहता हूं लेकिन पूर्व सरकार की स्थिति तो स्पष्ट करनी ही पड़ेगी। जवाब में बिक्रम सिंह ने कहा कि हमारा साथ काफी पुराना है। हमें उलझना नहीं है। इसके बाद विधायक ने फिर सवाल कर दिए तो मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ये अब बार-बार उलझने की स्थिति बना रहे हैं।
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