फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Apple Season Adani reduced the price by Rs 15 per kg compared to last year purchase has started

Himachal Apple Season: अदाणी ने बीते साल के मुकाबले 15 रुपये किलो गिराए दाम, खरीद शुरू

Sun, 08 Sep 2024 02:03 PM IST
अंकेश डोगरा विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 08 Sep 2024 02:03 PM IST
सार

हिमाचल में अदाणी एग्रो फ्रेश लिमिटेड ने सेब खरीद के दाम रिकार्ड 15 रुपये किलो तक गिरा दिए हैं। कंपनी की मनमानी से प्रदेश के बागवानों में रोष है।

विज्ञापन
Himachal Apple Season Adani reduced the price by Rs 15 per kg compared to last year purchase has started
सेब - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल में सेब खरीद करने वाली सबसे बड़ी कंपनी अदाणी एग्रो फ्रेश लिमिटेड ने बीते सालों के मुकाबले इस सीजन के लिए सेब खरीद के दाम रिकार्ड 15 रुपये किलो तक गिरा दिए हैं। साल 2023 में कंपनी ने सेब खरीद के दाम 95 रुपये किलो घोषित किए थे, लेकिन इस बार टॉप क्वालिटी सेब महज 80 रुपये किलो खरीदा जा रहा है। कंपनी की मनमानी से प्रदेश के बागवानों में रोष है। मंडियों में इन दिनों बढि़या किस्म के सेब का औसत रेट 120 से 140 रुपये किलो चल रहा है।

विज्ञापन




अदाणी कंपनी ने इस साल सेब खरीद करीब 15 दिन देरी से शुरू की है। आमतौर पर सबसे पहले अदाणी कंपनी सेब के रेट घोषित करती थी, अन्य निजी कंपनियां अदाणी के बाद रेट तय करती थीं। इस बार देवभूमि कोल्ड चेन के बाद अदाणी ने सेब खरीद शुरू की और बागवानों को सेब के रेट भी देवभूमि कंपनी के बराबर ही दिए जा रहे हैं। हर साल अदाणी कंपनी रेट घोषित करने के बाद व्यापक प्रचार प्रसार करती थी, खरीद केंद्रों पर बड़े बड़े बैनर लगाकर रेट प्रदर्शित किए जाते थे और सोशल मीडिया पर भी खूब प्रचार प्रसार होता था। इस बार कंपनी ने बिना किसी पूर्व सूचना के सेब खरीद शुरू कर दी है। कंपनी की इस नीति को दामों में की गई भारी गिरावट से जोड़ कर देखा जा रहा है।
विज्ञापन


निजी कंपनियों की मनमानी पर भड़के किसान संगठन, बैठक बुलाई
अदाणी की ओर से सेब खरीद के दामों में की गई 15 रुपये कटौती पर सेब उत्पादक संघ ने कड़ी नाराजगी जताई है। संघ के प्रदेश संयोजक सोहन सिंह ठाकुर का कहना है कि सरकार से करोड़ों रुपये अनुदान लेकर निजी कंपनियों ने अपने सीए स्टोर स्थापित किए है और अब बागवानों के शोषण पर उतारू हो गई हैं। सोमवार को ठियोग में बैठक कर इन कंपनियों की मनमानी के खिलाफ रणनीति तय की जाएगी। उधर संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान ने भी कंपनियों द्वारा किए जा रहे शोषण का मामला सरकार के समक्ष उठाने की बात कही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed