फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal An accused in the much talked about scholarship scam surrendered in the court

Himachal Pradesh: बहुचर्चित छात्रवृति घोटाले के एक आरोपी ने अदालत में किया आत्मसमर्पण, जानें पूरा मामला

Fri, 25 Apr 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 25 Apr 2025 05:00 AM IST
सार

बहुचर्चित छात्रवृति घोटाले में सर्वोच्च न्यायालय ने 25 मार्च के आदेश के तहत आरोपी कृष्ण कुमार को चार सप्ताह में अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण के निर्देश दिए थे। जिसमें वीरवार को एक आरोपी ने जिला अदालत शिमला के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।

विज्ञापन
Himachal An accused in the much talked about scholarship scam surrendered in the court
छात्रवृति घोटाला (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल में बहुचर्चित छात्रवृति घोटाले के एक आरोपी ने जिला अदालत शिमला के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने 25 मार्च के आदेश के तहत आरोपी कृष्ण कुमार को चार सप्ताह में अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण के निर्देश दिए थे। विशेष न्यायाधीश दविंदर कुमार की अदालत ने आरोपी को 20 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं। आरोपी कृष्ण कुमार (42) सिरसा, हरियाणा का रहने वाला है। इसने प्रवर्तन निदेशालय में धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 4 के तहत साल 2019 के मामले में आत्मसमर्पण किया है।

विज्ञापन


दरअसल, 16 नवंबर 2018 को उच्च शिक्षा विभाग के राज्य परियोजना अधिकारी की शिकायत पर छोटा शिमला थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें राज्य के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को केंद्रीय और राज्य प्रायोजित योजनाओं के तहत प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के वितरण के संबंध में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे थे। 20 मार्च 2019 की अधिसूचना के मद्देनजर पुलिस ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।
विज्ञापन


मई 2019 में आईपीसी की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120-बी और भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 13(1)(सी), 13(1)(डी) और 13(2) के तहत मामला पंजीकृत किया गया। प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत जांच शुरू की। ईडी ने 22 जुलाई 2019 को याचिकाकर्ता कृष्ण कुमार सहित अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया। याचिकाकर्ता पर आरोप है कि उसने छात्रों को प्रवेश दिए बिना छात्रवृत्ति का दावा किया था। उधर, 25 मार्च को आरोपी ने सर्वोच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज करते हुए आरोपी को चार सप्ताह के भीतर अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने के आदेश दिए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed