Himachal News : भरमौर से 450 और मणिमहेश यात्री निकाले, 500 अब भी फंसे; पैदल आने वालों का खास ध्यान
वीरवार को 415 श्रद्धालु टैक्सियों से भरमौर से निकाले गए। साथ ही चॉपर से 35 लोग लाए गए हैं। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि भरमौर में शेष श्रद्धालुओं को हेलिकाप्टर के माध्यम से निकालने के लिए भी राज्य सरकार विशेष प्रयास कर रही है।
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भरमौर से दुर्गेठी तक हाईवे छोटे वाहनों के लिए बहाल होने के बाद वीरवार को 415 श्रद्धालु टैक्सियों से भरमौर से निकाले गए। साथ ही चॉपर से 35 लोग लाए गए हैं। अब भी 500 के करीब श्रद्धालुओं के भरमौर में होने की संभावना हैं। प्रशासन के मुताबिक अब तक 15 हजार श्रद्धालुओं को भरमौर से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
वीरवार को उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने क्षतिग्रस्त चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग का दौरा किया और मार्ग बहाली के लिए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पैदल आने वाले श्रद्धालुओं को कलसुई से पठानकोट व नूरपुर तक भेजने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में निशुल्क परिवहन सुविधा प्रदान की जा रही है। पैदल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रास्ते में सुरक्षा व सुविधाओं का खास ध्यान रखा जा रहा है। पैदल मार्ग में आने वाले कठिन रास्तों पर एनडीआरएफ के अलावा अन्य सुरक्षा कर्मी भी लगाए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
उपायुक्त ने बताया कि भरमौर में शेष श्रद्धालुओं को हेलिकाप्टर के माध्यम से निकालने के लिए भी राज्य सरकार विशेष प्रयास कर रही है। मुकेश ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 154-ए चंबा से भरमौर की तरफ लगभग 20 किलोमीटर और भरमौर से चंबा की तरफ लगभग 25 किलोमीटर (छोटे वाहनों के लिए) खोला जा चुका है। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, एसडीएम प्रियांशु खाती, तहसीलदार दीक्षित राणा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
जिला चंबा में मणिमहेश यात्रा पर गए श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसकी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू स्वयं निगरानी कर रहे हैं। उनके दिशा-निर्देशों पर आज जिला प्रशासन चम्बा ने भरमौर से लगभग 500 श्रद्धालुओं को गाड़ियों के माध्यम से चंबा पहुंचाने का कार्य आरम्भ किया। रास्ते में कुछ स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण श्रद्धालुओं को पैदल चलना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है। इसके अतिरिक्त रास्ते में श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन-पानी, निशुल्क वाहनों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की है ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि जिला प्रशासन ने खराब मौसम के बीच 35 बीमार और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को छोटे हेलीकॉप्टर से सुरक्षित चंबा पहुंचाया है। इसके लिए आज हेलीकॉप्टर ने सात उड़ानें भरी गईं। वायुसेना का एम आई-17 हेलीकॉप्टर भी पठानकोट में तैनात है, लेकिन मौसम खराब होने के कारण उड़ान संभव नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी पिछले कई दिनों से ग्राउंड जीरो पर रहकर स्वयं रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। पैदल चलकर वह चंबा से भरमौर पहुंचे हैं और वहां श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में दिन-रात जुटे हुए हैं। प्रदेश सरकार राज्य के लोगों तथा आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की जान-माल की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है तथा इसके लिए सरकार द्वारा अनेक प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
मणिमहेश यात्रियों के लिए निशुल्क बस सेवा रहेगी जारी : मुकेश
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी मणिमहेश यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए लगातार निशुल्क सेवा प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 153 बसों के माध्यम से लगभग 6,647 श्रद्धालुओं को पठानकोट और कांगड़ा तक पहुंचाया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। ब्यूरो