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Himachal Pradesh : जल्द मिलेंगी 300 नर्सें, 6 मेडिकल कॉलेजों में होगी तैनाती; आउटसोर्स पर हो रही भर्ती
Tue, 15 Jul 2025 06:53 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 15 Jul 2025 06:53 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के 300 प्रशिक्षित नर्सें मेडिकल कॉलेजों में सेवाएं देंगी। करीब 10,000 अभ्यर्थियों ने इन पदों के लिए साक्षात्कार दिए थे। पढ़ें पूरी खबर...
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों को जल्द ही 300 प्रशिक्षित नर्सें मिलने जा रही हैं। इनकी भर्ती आउटसोर्स से की जा रही है। साक्षात्कार के बाद अब चयनित नर्सों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
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इन नर्सों की तैनाती इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), टांडा, हमीरपुर, नाहन, चंबा, नेरचौक तथा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में की जाएगी। हर मेडिकल कॉलेज में 40 से 50 नर्सों की नियुक्ति की जाएगी। हिमाचल प्रदेश के करीब 10,000 अभ्यर्थियों ने इन पदों के लिए साक्षात्कार दिए थे। राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तीन कंपनियों को टेंडर आवंटित किए हैं।
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अस्पतालों में स्टाफ की भारी कमी
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार नर्स और मरीज का अनुपात 1:2 से लेकर 1:5 तक होना चाहिए। प्रदेश के अस्पतालों में 15 से 18 मरीजों पर एक स्टाफ नर्स तैनात है। वहीं, सीसीयू और आईसीयू जैसे गंभीर रोगी वार्डों में भी तीन से चार मरीजों पर एक नर्स काम कर रही है, जबकि आदर्श स्थिति में यह अनुपात 1:1 या 1:2 होना चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार नर्स और मरीज का अनुपात 1:2 से लेकर 1:5 तक होना चाहिए। प्रदेश के अस्पतालों में 15 से 18 मरीजों पर एक स्टाफ नर्स तैनात है। वहीं, सीसीयू और आईसीयू जैसे गंभीर रोगी वार्डों में भी तीन से चार मरीजों पर एक नर्स काम कर रही है, जबकि आदर्श स्थिति में यह अनुपात 1:1 या 1:2 होना चाहिए।
अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाई गई है, लेकिन उसके अनुपात में नर्सिंग स्टाफ के पदों को नहीं बढ़ाया गया है। कई मेडिकल कॉलेजों के एक वार्ड में जहां 3 से 4 नर्सें होनी चाहिए, वहां केवल 1 या 2 नर्सें कार्यभार संभाल रही हैं, जिससे उन्हें छुट्टी तक नहीं मिल पा रही है।
सरकार ने की भर्ती प्रक्रिया शुरू
हिमाचल मेडिकल एसोसिएशन ने भी सरकार को स्टाफ की कमी पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। अब सरकार ने इन रिक्तियों को आउटसोर्स के माध्यम से भरने का निर्णय लिया है।
मेडिकल कॉलेजों में नर्सों की तैनाती शुरू कर दी गई है। इससे मरीजों और स्टाफ की परेशानी कम होगी। नर्सों के अलावा अस्पतालों में अन्य रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी जारी है। - एम. सुधा, स्वास्थ्य सचिव
हिमाचल मेडिकल एसोसिएशन ने भी सरकार को स्टाफ की कमी पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। अब सरकार ने इन रिक्तियों को आउटसोर्स के माध्यम से भरने का निर्णय लिया है।
मेडिकल कॉलेजों में नर्सों की तैनाती शुरू कर दी गई है। इससे मरीजों और स्टाफ की परेशानी कम होगी। नर्सों के अलावा अस्पतालों में अन्य रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी जारी है। - एम. सुधा, स्वास्थ्य सचिव