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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hearing in the CBSE schools' teacher test case to be held on April 8.

Himachal: सरकारी सीबीएसई स्कूलों के लिए टीचर टेस्ट मामले में अब 8 अप्रैल को होगी सुनवाई

Thu, 02 Apr 2026 08:01 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला।
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 02 Apr 2026 08:01 PM IST
सार

पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने विभाग को भर्ती चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी।

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Hearing in the CBSE schools' teacher test case to be held on April 8.
शिक्षक( सांकेतिक) - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सीबीएसई स्कूलों के लिए टीचर टेस्ट मामले में अब 8 अप्रैल को सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने विभाग को भर्ती चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी। इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ कर रही है।

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सात और सरकारी स्कूलों को मिला सीबीएसई का दर्जा
उधर, प्रदेश सरकार ने सात और सरकारी स्कूलों को सीबीएसई का दर्जा दे दिया है। मंडी के बलद्वाडा, कोलनी ढलवान, भद्रवार, कुल्लू जिला के भुंतर, हमीरपुर के रैली जजरी, लोहारली और कांगड़ा के हरीपुर गुलेर स्कूल में भी सीबीएसई पाठ्यक्रम पढ़ाने का फैसला लिया गया है। 

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सीबीएसई स्कूलों में अस्थायी तौर पर सेवाएं देते रहेंगे एसएमसी शिक्षक
वहीं प्रदेश में सीबीएसई स्कूलों में कार्यरत एमएमसी (स्कूल प्रबंधन समिति) के तहत नियुक्त शिक्षकों को स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सरकार को प्रस्ताव भेजकर फिलहाल यथावत रखने और बाद में चरणबद्ध तरीके से समायोजित करने की सिफारिश की है। प्रदेश के 151 सीबीएसई स्कूलों में से 33 स्कूलों में वर्तमान में 78 एसएमसी पीरियड-बेस्ड शिक्षक विभिन्न श्रेणियों में कार्यरत हैं। इन शिक्षकों के लिए सीबीएसई स्कूलों में नियमित रूप से बनाए रखने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इन्हें सीबीएसई स्कूलों में तैनाती के लिए आयोजित स्क्रीनिंग टेस्ट में भी शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई थी। निदेशालय ने सरकार को भेजे प्रस्ताव में कहा है कि जब तक स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से चयनित नियमित शिक्षक सीबीएसई स्कूलों में ज्वाइन नहीं कर लेते, तब तक इन एसएमसी शिक्षकों को स्टॉप-गैप अरेंजमेंट के रूप में यथावत रखा जा सकता है। इससे स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होगा।

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प्रस्ताव में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जैसे ही नियमित शिक्षक स्कूलों में कार्यभार संभालेंगे,एसएमसी शिक्षकों को ब्लॉक या जिला स्तर पर नजदीकी स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि उनकी सेवाओं का उपयोग जारी रखा जा सके। निदेशालय ने सुझाव दिया है कि जो एमएमसी शिक्षक विभाग में जॉब ट्रेनी के रूप में चयनित हो रहे हैं, उन्हें भविष्य में प्रस्तावित 150 नए सीबीएसई स्कूलों के लिए आयोजित सब-कैडर टेस्ट में बैठने की अनुमति दी जाए। यह घोषणा मुख्यमंत्री के बजट भाषण 2026-27 में भी की जा चुकी है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो एमडीआर (लिमिटेड डायरेक्ट रिक्रूटमेंट) के तहत परीक्षा पास करने वाले एसएमसी शिक्षकों को सीबीएसई स्कूलों में जॉब ट्रेनी के रूप में नियुक्ति का अवसर मिल सकेगा।

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