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Hamirpur (Himachal) News: विकास खंडों के पुनर्गठन में उलझे जिप वार्ड, फिर चढ़ेगा सियासी पारा
Mon, 30 Jun 2025 12:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 30 Jun 2025 12:28 AM IST
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हमीरपुर। जिला परिषद वार्डों के गठन से मचे सियासी घमासान के बीच अब विकास खंडों की सीमाओं के पुनर्गठन के निर्णय से फिर से जिले में सियासी पारा चढ़ना तय माना जा रहा है।
बीते शनिवार को कैबिनेट बैठक में जिले के चार विकास खंडों हमीरपुर, बमसन, सुजानपुर और भोरंज के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है। ऐसे में अब इन चारों खंडों की सीमाओं में बदलाव को लेकर कसरत शुरू हो जाएगी। इस निर्णय से पहले ही जिला भाजपा के नेता व स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि बमसन विकास खंड में बदलाव के खिलाफ सवाल उठा चुके हैं। इस खंड की पंचायतों को भोरंज विकास खंड में मिलाने का विरोध जताया जा चुका है।
वहीं, अभी तक जिला परिषद के वार्डों का पुनर्गठन भी अंतिम रूप नहीं ले सका है। जिला परिषद वार्डों का अंतिम प्रारूप भी विकास खंडों की पुनर्गठन की प्रस्तावना से अटका हुआ है।
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नगर निगम हमीरपुर के गठन और जिले के नगर निकायों की सीमाओं में बदलाव के चलते जिला परिषद वार्डों की सीमाएं भी बदली हैं। अब 18 की बजाय जिले में 15 जिला परिषद वार्ड गठित किए जाने प्रस्तावित हैं। इन वार्ड का प्रारंभिक प्रारूप तैयार कर दिया गया है।
प्रारंभिक प्रारूप में कईं आपत्तियां जिला प्रशासन को मिली थी। इसके बाद इन्हें दूर कर अंतिम प्रारूप तो तैयार कर लिया गया, लेकिन इस बीच विकास खंडों की सीमाएं बदले जाने के चलते इस प्रारूप को जिला प्रशासन की ओर से प्रकाशित नहीं किया गया है।
मौजूदा समय में जिला परिषद वार्ड के गठन के दौरान पंचायत समिति की सीमा का दायरा बनाए रखना अनिवार्य है। एक वार्ड में एक ही पंचायत समिति अथवा विकास खंड की पंचायत शामिल हो सकती है। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से इस विषय पर निदेशालय से स्पष्टीकरण मांगा गया था।
सीमाओं की सियासत से बढ़ेगी प्रशासनिक उलझन
अब विकास खंडों के पुनर्गठन के चलते सीमाओं की सियासत की उलझन बढ़ सकती है। पुनर्गठन मौजूदा नियमों के तहत होगा अथवा जिला परिषद वार्ड की सीमाएं नए नियमों से तय होंगी यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। संबंधित विभाग निदेशालय की ओर से इसे लेकर जिला प्रशासन को कोई स्पष्ट हिदायत जारी नहीं की गई है। ऐसे में अभी तक असमंजस की स्थिति ही बनी हुई है। वार्ड की सीमाओं के पुनर्गठन को लेकर कांग्रेस और भाजपा में सियासत तय है। ऐसे में प्रशासनिक उलझन भी बढ़ना लाजिमी माना जा रहा है।
कोट्स
यदि बमसन विकास खंड की आठ पंचायतों को अन्य खंड में मिलाया जाएगा, तो सड़कों पर उतरकर विरोध होगा। पहले ही इस बारे में जिलाधीश को आठ पंचायतों के प्रधान ज्ञापन सौंप चुके हैं।
-अभयवीर लवली, अध्यक्ष, भाजपा मंडल समीरपुर
एक विधानसभा एक विकास खंड की तर्ज पर गठन के सुझाव दिए गए हैं। विस क्षेत्र की पंचायतों को अलग-अलग विकास खंड की बजाय एक खंड रखना चाहिए। जनहित ही पुनर्गठन के निर्णय का आधार होगा।
-सुमन भारती, निवर्तमान जिलाध्यक्ष, हमीरपुर कांग्रेस
मौखिक तौर पर निदेशालय से इस विषय पर जानकार मांगी गई थी। अब विकास खंडों के पुनर्गठन और इसकी शर्तें स्पष्ट होने के बाद ही जिला परिषद वार्ड का अंतिम प्रारूप जारी किया जाएगा।
-अमरजीत सिंह, डीसी हमीरपुर
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बीते शनिवार को कैबिनेट बैठक में जिले के चार विकास खंडों हमीरपुर, बमसन, सुजानपुर और भोरंज के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है। ऐसे में अब इन चारों खंडों की सीमाओं में बदलाव को लेकर कसरत शुरू हो जाएगी। इस निर्णय से पहले ही जिला भाजपा के नेता व स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि बमसन विकास खंड में बदलाव के खिलाफ सवाल उठा चुके हैं। इस खंड की पंचायतों को भोरंज विकास खंड में मिलाने का विरोध जताया जा चुका है।
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वहीं, अभी तक जिला परिषद के वार्डों का पुनर्गठन भी अंतिम रूप नहीं ले सका है। जिला परिषद वार्डों का अंतिम प्रारूप भी विकास खंडों की पुनर्गठन की प्रस्तावना से अटका हुआ है।
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नगर निगम हमीरपुर के गठन और जिले के नगर निकायों की सीमाओं में बदलाव के चलते जिला परिषद वार्डों की सीमाएं भी बदली हैं। अब 18 की बजाय जिले में 15 जिला परिषद वार्ड गठित किए जाने प्रस्तावित हैं। इन वार्ड का प्रारंभिक प्रारूप तैयार कर दिया गया है।
प्रारंभिक प्रारूप में कईं आपत्तियां जिला प्रशासन को मिली थी। इसके बाद इन्हें दूर कर अंतिम प्रारूप तो तैयार कर लिया गया, लेकिन इस बीच विकास खंडों की सीमाएं बदले जाने के चलते इस प्रारूप को जिला प्रशासन की ओर से प्रकाशित नहीं किया गया है।
मौजूदा समय में जिला परिषद वार्ड के गठन के दौरान पंचायत समिति की सीमा का दायरा बनाए रखना अनिवार्य है। एक वार्ड में एक ही पंचायत समिति अथवा विकास खंड की पंचायत शामिल हो सकती है। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से इस विषय पर निदेशालय से स्पष्टीकरण मांगा गया था।
सीमाओं की सियासत से बढ़ेगी प्रशासनिक उलझन
अब विकास खंडों के पुनर्गठन के चलते सीमाओं की सियासत की उलझन बढ़ सकती है। पुनर्गठन मौजूदा नियमों के तहत होगा अथवा जिला परिषद वार्ड की सीमाएं नए नियमों से तय होंगी यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। संबंधित विभाग निदेशालय की ओर से इसे लेकर जिला प्रशासन को कोई स्पष्ट हिदायत जारी नहीं की गई है। ऐसे में अभी तक असमंजस की स्थिति ही बनी हुई है। वार्ड की सीमाओं के पुनर्गठन को लेकर कांग्रेस और भाजपा में सियासत तय है। ऐसे में प्रशासनिक उलझन भी बढ़ना लाजिमी माना जा रहा है।
कोट्स
यदि बमसन विकास खंड की आठ पंचायतों को अन्य खंड में मिलाया जाएगा, तो सड़कों पर उतरकर विरोध होगा। पहले ही इस बारे में जिलाधीश को आठ पंचायतों के प्रधान ज्ञापन सौंप चुके हैं।
-अभयवीर लवली, अध्यक्ष, भाजपा मंडल समीरपुर
एक विधानसभा एक विकास खंड की तर्ज पर गठन के सुझाव दिए गए हैं। विस क्षेत्र की पंचायतों को अलग-अलग विकास खंड की बजाय एक खंड रखना चाहिए। जनहित ही पुनर्गठन के निर्णय का आधार होगा।
-सुमन भारती, निवर्तमान जिलाध्यक्ष, हमीरपुर कांग्रेस
मौखिक तौर पर निदेशालय से इस विषय पर जानकार मांगी गई थी। अब विकास खंडों के पुनर्गठन और इसकी शर्तें स्पष्ट होने के बाद ही जिला परिषद वार्ड का अंतिम प्रारूप जारी किया जाएगा।
-अमरजीत सिंह, डीसी हमीरपुर