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Hamirpur (Himachal) News: क्रोशिये और धागे से सफलता की कहानी बुन रहीं यामिनी
Sun, 23 Nov 2025 01:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 23 Nov 2025 01:48 AM IST
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बजूरी की कामिनी सिंह घर पर धागे से चूड़ियां बनाते हुए। संवाद
हमीरपुर। बजूरी की यामिनी सिंह क्रोशिये और धागे से अपनी सफलता की कहानी बुन रही हैं। यामिनी क्रोशिये और धागे से नए-नए डिजाइन के उत्पाद बनाकर महीने में हजारों रुपये कमा रही हैं।
वहीं, आर्टिफिशियल ज्वेलरी से उस आर्थिकी को और मजबूती प्रदान कर रही हैं। यामिनी अपने हुनर के बल पर हर माह आठ से दस हजार रुपये कमा रही हैं। यामिनी की यह कोशिश अन्य महिलाओं के लिए भी प्ररेणास्रोत बनी हुई है।
31 वर्षीय यामिनी सिंह ने अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। इसके उपरांत उन्होंने घर से ही प्रतियोगी परीक्षाओं को देना शुरू किया, लेकिन सफलता की चिंता के समाधान के लिए परिवार के सदस्यों की सहायता के लिए कारोबार शुरू करने का भी निर्णय लिया। शुरुआती दौर में उन्होंने अपनी माता से ही घर पर क्रोशिये को चलाने का प्रशिक्षण लिया।
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प्रशिक्षण के बाद धीरे-धीरे यू-ट्यूब से नए डिजाइनों को सीखा और स्वयंसहायता समूहों की महिलाओं को अपने तैयार किए हुए उत्पादों को देना शुरू किया। क्रोशिये से उन्होंने की चेन, सजावटी फूल, फ्रिज और फ्लोर के मैट को बेचना शुरू किया, जिससे उन्हें अच्छी आय होने लगी है।
आर्टिफिशियल फैशन ज्वेलरी का कारोबार भी किया शुरू
अब उन्होंने आर्टिफिशियल फैशन ज्वेलरी का भी कारोबार शुरू किया हैए जिसकी बाजार में खूब मांग है। आर्टिफिशियल फैशन ज्वेलरी में चूड़ियां, झुमके, हल्दी व मेहंदी में प्रयोग होने वाले आभूषण शामिल हैं। कांच की चूड़ियों की बजाय महिलाएं धागे से बनी हुई चूड़ियों को अधिक पसंद कर रही हैं। यामिनी सिंह ने बताया कि परिवार के सदस्यों के सहयोग से ही इस कार्य को करने में सफलता प्राप्त हुई है।
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वहीं, आर्टिफिशियल ज्वेलरी से उस आर्थिकी को और मजबूती प्रदान कर रही हैं। यामिनी अपने हुनर के बल पर हर माह आठ से दस हजार रुपये कमा रही हैं। यामिनी की यह कोशिश अन्य महिलाओं के लिए भी प्ररेणास्रोत बनी हुई है।
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31 वर्षीय यामिनी सिंह ने अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। इसके उपरांत उन्होंने घर से ही प्रतियोगी परीक्षाओं को देना शुरू किया, लेकिन सफलता की चिंता के समाधान के लिए परिवार के सदस्यों की सहायता के लिए कारोबार शुरू करने का भी निर्णय लिया। शुरुआती दौर में उन्होंने अपनी माता से ही घर पर क्रोशिये को चलाने का प्रशिक्षण लिया।
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प्रशिक्षण के बाद धीरे-धीरे यू-ट्यूब से नए डिजाइनों को सीखा और स्वयंसहायता समूहों की महिलाओं को अपने तैयार किए हुए उत्पादों को देना शुरू किया। क्रोशिये से उन्होंने की चेन, सजावटी फूल, फ्रिज और फ्लोर के मैट को बेचना शुरू किया, जिससे उन्हें अच्छी आय होने लगी है।
आर्टिफिशियल फैशन ज्वेलरी का कारोबार भी किया शुरू
अब उन्होंने आर्टिफिशियल फैशन ज्वेलरी का भी कारोबार शुरू किया हैए जिसकी बाजार में खूब मांग है। आर्टिफिशियल फैशन ज्वेलरी में चूड़ियां, झुमके, हल्दी व मेहंदी में प्रयोग होने वाले आभूषण शामिल हैं। कांच की चूड़ियों की बजाय महिलाएं धागे से बनी हुई चूड़ियों को अधिक पसंद कर रही हैं। यामिनी सिंह ने बताया कि परिवार के सदस्यों के सहयोग से ही इस कार्य को करने में सफलता प्राप्त हुई है।

बजूरी की कामिनी सिंह घर पर धागे से चूड़ियां बनाते हुए। संवाद

बजूरी की कामिनी सिंह घर पर धागे से चूड़ियां बनाते हुए। संवाद

बजूरी की कामिनी सिंह घर पर धागे से चूड़ियां बनाते हुए। संवाद

बजूरी की कामिनी सिंह घर पर धागे से चूड़ियां बनाते हुए। संवाद