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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Workers demonstrated in the morning at Dhaula Siddh Hydro Project

Hamirpur (Himachal) News: धौलासिद्ध हाइड्रो प्रोजेक्ट में सुबह मजदूरों ने किया प्रदर्शन

Sun, 07 Jan 2024 01:16 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jan 2024 01:16 AM IST
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हमीरपुर। धौलासिद्ध हाइड्रो प्रोजेक्ट में कंपनी प्रबंधन और ठेकेदार के खिलाफ मजदूर लामबंद हो गए हैं। मजदूरों ने कड़ाके की ठंड में शनिवार सुबह गेट मीटिंग कर अपनी मांगों को पूरा करवाने के समर्थन में नारेबाजी की। सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर व हिमाचल भवन सड़क निर्माण मजदूर यूनियन के राज्य अध्यक्ष जोगिंद्र कुमार व रंजन शर्मा ने कहा कि जिले में एकमात्र हाइडल प्रोजेक्ट में मजदूरों को न्यूनतम वेतन, सैलरी स्लिप, ओवरटाइम, बोनस, आवश्यक सुरक्षा उपकरण, सफाई व पीने के पानी की व्यवस्था तक नहीं की गई है। जो भी श्रम कानून के तहत मिलने वाली सुविधाएं हैं वह नहीं दी जा रही हैं और श्रम कानून का धड़ल्ले से मजाक उड़ाया जा रहा है।
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इससे पहले भी कंपनी में कार्यरत मजदूरों ने संगठित होकर आंदोलन किया था और श्रम कानून के तहत मिलने वाली सुविधाओं जैसे न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम, हाजिरी कार्ड, सैलरी स्लिप, बोनस, छुट्टियों के लाभ, पीने के पानी की सुविधा, शेड, जूते (गम बूट) व सेफ्टी किट जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर संघर्ष किया था। यूनियन कंपनी प्रबंधन और केंद्रीय श्रम अधिकारी के साथ चंडीगढ़ में संयुक्त रूप पर समझौता हुआ है, जिसमें कंपनी ने लिखित तौर पर कहा है कि श्रम कानून के दायरे में आने वाली सुविधाओं को मजदूरों को दिया जाएगा। बरसात के दौरान जिन लोगों को काम से हटाया गया था, उन्हें कंपनी द्वारा काम पर दोबारा नहीं रखा जा रहा है। जो भी लोग प्रभावित हैं, जिनकी जमीन इस परियोजना में चली गई है, उन प्रभावित लोगों को भी नाम पर नहीं रखा जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों में भी रोष व्याप्त है। मैस में एक तरफ कुछ मजदूरों से 2,000 रुपये तक काटा जाता है, वहीं कुछ मजदूरों से 4,500 रुपये काटा जाता है। कड़ाके की ठंड में कंपनी ने मजदूरों को मात्र एक-एक कंबल दिया है। कंक्रीट का काम चल रहा है मगर कंक्रीट का काम करने के लिए जूते और महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण तक नहीं दिए गए हैं। सीटू इसका कड़ा विरोध करती है। कंपनी प्रबंधन के इस मनवाने रवैया के खिलाफ प्रदर्शन में निर्माणाधीन परियोजना में कार्यरत 500 से ज्यादा मजदूरों ने भाग लिया और चेतावनी दी कि अगर कंपनी मजदूरों को केंद्रीय श्रम अधिकारी मध्यस्थता से हुए समझौते को लागू नहीं करती है तो आंदोलन कड़ा किया जाएगा। इस मौके पर सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, हिमाचल भवन, सड़क एवं अन्य निर्माण मजदूर यूनियन (संबंधित सीटू) के राज्य अध्यक्ष जोगिंद्र कुमार रंजन शर्मा के अलावा परियोजना इकाई के अध्यक्ष नवीन ठाकुर ने भी संबोधित किया।
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