फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Women are liking Rajasthani Mehndi designs

Hamirpur (Himachal) News: महिलाओं को भा रहे राजस्थानी मेहंदी के डिजाइन

Sat, 19 Oct 2024 05:34 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Oct 2024 05:34 PM IST
विज्ञापन
जिले में करवाचौथ पर्व को लेकर बाजार में खूब रही रौनक
विज्ञापन


सूट, टेलरों की दुकानों से लेकर सैलून में दिनभर रही चहल पहल

रात 7.48 बजे होगा चांद का दीदार, सुहागिन महिलाएं रखेंगी व्रत

संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। करवाचौथ पर्व को लेकर इस बार बाजार में राजस्थानी मेहंदी के डिजाइन महिलाओं की पहली पसंद बने हैं। 100 से लेकर 500 रुपये में दुकानदार दुल्हा-दुल्हन की फोटो के साथ हाथों में मेहंदी लगा रहे हैं। बाजार में मेहंदी लगाने के लिए जगह-जगह स्टाल लगे हुए हैं।
यहां पहली बार व्रत रखनी वाली महिलाओं में खासा उत्साह दिखा। बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार नव विवाहित महिलाएं व्रत रख सकेंगी। बीते वर्ष नव विवाहिता महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत शुभ नहीं था। ऐसे में महिलाओं ने व्रत नहीं रखा था। इस बार व्रत शुभ होने से महिलाएं आसानी से व्रत रख सकेंगी।
विज्ञापन


शनिवार को दिनभर बाजार में महिलाएं सूट से लेकर 16 शृंगार की सामग्री, सरगी, पंचमेवा आदि की खरीदारी करती हुई नजर आईं। पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं कोमल, मधु, प्रियंका, शिल्पा, अनुराधा, कविता, अनुराधा वंदना आदि ने कहा कि करवाचौथ का व्रत पति की लंबी आयु, अच्छा स्वास्थ्य और सुखद वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए किया जाता है। पतिव्रता महिलाएं इस दिन अन्न, जल और फल को ग्रहण नहीं करती हैं। इस व्रत को महिलाएं चंद्रमा दर्शन के उपरांत खोलती हैं। यह व्रत हर वर्ष कार्तिक मास में कृष्णपक्ष की चतुर्थ तिथि को किया जाता है। पंडित हेमराज शर्मा ने कहा कि इस व्रत में भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश, स्वामी कार्तिकेय, चंद्रमा और करवा माता का पूजन किया जाता है। इस व्रत को सौभाग्यवती स्त्रियां और उसी वर्ष में विवाही लड़कियां पति की दीर्घायु के लिए करतीं हैं। यह व्रत निर्जला किया जाता है। इस व्रत को चंद्र दर्शन और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही खोला जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूतक-पातक या मासिक धर्म होने पर महिलाएं चांद को अर्घ्य नहीं देगीं। ऐसी स्थिति में महिलाएं सिर्फ चांद का दीदार करके चांद को पांच बार चावल अर्पण करें। हमीरपुर जिले में चंद्रोदय का समय लगभग 7.40 मिनट है। इसके बाद महिलाएं व्रत खोल सकेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed