{"_id":"6740f0374b720eeb860db504","slug":"why-silence-on-relationship-with-accused-in-ed-investigation-rana-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-141455-2024-11-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईडी जांच में आरोपी से रिश्ते पर चुप्पी क्यों : राणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईडी जांच में आरोपी से रिश्ते पर चुप्पी क्यों : राणा
Sat, 23 Nov 2024 02:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 23 Nov 2024 02:27 AM IST
विज्ञापन
सुजानपुर (हमीरपुर)। पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अवैध खनन के करोड़ों के कारोबार और ईडी जांच में आरोपी के साथ मुख्यमंत्री के संबंधों पर प्रदेश की जनता के सामने स्पष्टीकरण देने के बजाय, मुख्यमंत्री अपने समर्थकों से बयान दिलवा रहे हैं।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्यों व्यास नदी के किनारे ईडी जांच के दायरे में फंसे व्यक्ति को खनन की खुली छूट दी गई, जबकि बरसात के दौरान हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा जिलों में व्यास के किनारे जब सभी क्रशर बंद थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के संरक्षण में कुछ लोगों ने अपनी गरीबी दूर कर ली है और अब वे पत्रकार वार्ताओं में मुख्यमंत्री को ईमानदारी का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं, लेकिन असली सवाल पर सभी चुप्पी साधे बैठे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वह अपने सार्गिंदों से बयान दिलवाने के बजाय खुद जनता के सामने आकर स्पष्ट करें कि इस पूरे मामले में उनकी क्या भूमिका है। हिमाचल प्रदेश की जनता का अधिकार है कि उन्हें मुख्यमंत्री और ईडी की जांच में फंसे आरोपी के संबंधों की सच्चाई का पता चले। मुख्यमंत्री की चुप्पी पूरे मामले को संदिग्ध बना रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्यों व्यास नदी के किनारे ईडी जांच के दायरे में फंसे व्यक्ति को खनन की खुली छूट दी गई, जबकि बरसात के दौरान हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा जिलों में व्यास के किनारे जब सभी क्रशर बंद थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के संरक्षण में कुछ लोगों ने अपनी गरीबी दूर कर ली है और अब वे पत्रकार वार्ताओं में मुख्यमंत्री को ईमानदारी का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं, लेकिन असली सवाल पर सभी चुप्पी साधे बैठे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वह अपने सार्गिंदों से बयान दिलवाने के बजाय खुद जनता के सामने आकर स्पष्ट करें कि इस पूरे मामले में उनकी क्या भूमिका है। हिमाचल प्रदेश की जनता का अधिकार है कि उन्हें मुख्यमंत्री और ईडी की जांच में फंसे आरोपी के संबंधों की सच्चाई का पता चले। मुख्यमंत्री की चुप्पी पूरे मामले को संदिग्ध बना रही है।

रामचंद्र।

रामचंद्र।

रामचंद्र।

रामचंद्र।
विज्ञापन