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जब लक्ष्य बड़ा होगा तो जीवन में संघर्ष और मुश्किलें भी आएंगी : डॉ. आकृति
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पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. आकृति शर्मा विद्यार्थियों से बातचीत करती ?
- फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। जब लक्ष्य बड़ा होगा तो जीवन में संघर्ष और मुश्किलों का सामना भी करना पड़ेगा। लेकिन, असफलताओं से निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि सफलता एवं मुकाम पाने के लिए हमें दोगुनी ताकत के साथ मेहनत करनी चाहिए। यह उद्गार पुलिस अधीक्षक हमीरपुर डॉ. आकृति शर्मा (आईपीएस) ने मंगलवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल) हमीरपुर के सभागार में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में प्रकट किए। डॉ. आकृति ने कॅरिअर काउंसलिंग करते हुए विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में साधारण नहीं बल्कि असाधरण बनो, ताकि मुकाम हासिल कर सको।
इस मौके पर विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में बिना तनाव और दबाव तैयारियों के टिप्स दिए। आईएएस और आईपीएस बनने के लिए यूपीपीएसी की तीन चरणों में होने वाली परीक्षा के बारे बताया। पुलिस अधीक्षक ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की ओर से कही गई पंक्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि सपने वो नहीं है जो हम नींद में देखते हैं, सपने वो हैं जो हमको नींद नहीं आने देते।
इससे पूर्व स्कूल के उप-प्रधानाचार्य बलराज जसवाल ने समस्त स्टाफ के साथ पुलिस अधीक्षक डॉ. आकृति शर्मा का यहां पहुंचने पर पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। जबकि, शिक्षक संजीव ठाकुर ने कार्यक्रम में मंच संचालन किया। कार्यक्रम के अंत में स्कूल स्टाफ ने मुख्यातिथि को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित करते हुए कार्यक्रम में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने के लिए आभार प्रकट किया।
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पुलिस अधीक्षक ने इन पहलुओं के बारे में भी बताया
साइबर क्राइम
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शातिर आजकल फेसबुक और इंस्टाग्राम पर झूठे प्रलोभन वाले विज्ञापन प्रसारित करते हैं। यूज्ड कार और मोटरसाइकिल को बहुत ही सस्ती दर पर बेचने और फेसबुक से महिला का फोटो उठाकर जाली अकाउंट बनाकर ब्लैकमेलिंग और पैसे मांगने सहित अन्य प्रकार की ठगी की जा रही है, जिनसे हमें बचना चाहिए।
एनडीपीएस एक्ट-
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशे का सेवन या कारोबार एक अपराध है, जिसमें 10 साल से अधिक की सजा का प्रावधान है। एक ही सिरिंज से विभिन्न लोगों की ओर से नशे के डोज लेने से एचआईवी एड्स, हैपेटाइटिस और हृदय संबंधी रोग फैलने की संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि नशे जैसे इस जानलेवा अपराध की रोकथाम के लिए लोगों का सहयोग बहुत जरूरी है। जिसके लिए ड्रग-फ्री हिमाचल एप बनाई गई है। इस एप पर सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान बिल्कुल गुप्त रखी जाती है, ताकि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
सड़क सुरक्षा नियम
यातायात नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन किया है। इसके तहत अगर कोई बिना लाइसेंस या कम उम्र का युवक वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो पांच हजार रुपये और तेज गति से वाहन चलाने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना हो सकता है। वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और हेलमेट पहनने से होने वाले लाभ के बारे में भी बताया।
महिला हिंसा रोकथाम कानून
घरेलू हिंसा और छेड़छाड़ पर कानूनी कार्रवाई और टोल फ्री नंबर 112, हमीरपुर पुलिस फेसबुक पेज इत्यादि के बारे में भी जानकारी दी। बस में यात्रा के दौरान बुजुर्ग लोगों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सीट उपलब्ध करवाना तथा बस में एक निश्चित दूरी बनाकर खड़े रहने के बारे में भी बताया।
विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के बारे में यह कहा
विद्यार्थी अक्षत ने कहा कि पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बहुत की ज्ञानवर्धक जानकारी मिली है। वह पुलिस अधीक्षक की ओर से बताई बातों का अपने जीवन में अनुसरण करेंगे।
अनिरुद्ध शर्मा ने कहा कि स्कूली कक्षाओं के अलावा इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से बहुत कुछ सीखने का मौका मिलता है। जिनसे जीवन में बदलाव लाया जा सकता है।
विद्यार्थी मितेश शर्मा ने कहा कि पुलिस अधीक्षक ने यातायात नियमों, साइबर क्राइम और नशे के दुष्प्रभाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। नाबालिग को वाहन नहीं चलाना चाहिए और सड़क सुरक्षा नियमों का हमेशा सख्ती से पालन करना चाहिए।
विद्यार्थी अंश पुरी ने कहा कि पुलिस अधीक्षक ने बहुत महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है। वह बताए गए नियमों का खुद भी पालन करेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी बताएंगे।
क्या कहते हैं स्कूल के उप-प्रधानाचार्य
अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम बहुत ही बेहतर मुहिम है। मीडिया से न केवल हमें समाज में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी मिलती है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां करने में भी काफी मदद मिलती है। मीडिया का जीवन में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। विद्यार्थी जीवन के बाद समाज में बदलाव का इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का बहुत बड़ा योगदान रहता है। इस कार्यक्रम के लिए अमर उजाला फाउंडेशन बधाई की पात्र है।
-बलराज जसवाल, उपप्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला(बाल)हमीरपुर।
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इस मौके पर विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में बिना तनाव और दबाव तैयारियों के टिप्स दिए। आईएएस और आईपीएस बनने के लिए यूपीपीएसी की तीन चरणों में होने वाली परीक्षा के बारे बताया। पुलिस अधीक्षक ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की ओर से कही गई पंक्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि सपने वो नहीं है जो हम नींद में देखते हैं, सपने वो हैं जो हमको नींद नहीं आने देते।
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इससे पूर्व स्कूल के उप-प्रधानाचार्य बलराज जसवाल ने समस्त स्टाफ के साथ पुलिस अधीक्षक डॉ. आकृति शर्मा का यहां पहुंचने पर पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। जबकि, शिक्षक संजीव ठाकुर ने कार्यक्रम में मंच संचालन किया। कार्यक्रम के अंत में स्कूल स्टाफ ने मुख्यातिथि को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित करते हुए कार्यक्रम में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने के लिए आभार प्रकट किया।
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पुलिस अधीक्षक ने इन पहलुओं के बारे में भी बताया
साइबर क्राइम
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शातिर आजकल फेसबुक और इंस्टाग्राम पर झूठे प्रलोभन वाले विज्ञापन प्रसारित करते हैं। यूज्ड कार और मोटरसाइकिल को बहुत ही सस्ती दर पर बेचने और फेसबुक से महिला का फोटो उठाकर जाली अकाउंट बनाकर ब्लैकमेलिंग और पैसे मांगने सहित अन्य प्रकार की ठगी की जा रही है, जिनसे हमें बचना चाहिए।
एनडीपीएस एक्ट-
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशे का सेवन या कारोबार एक अपराध है, जिसमें 10 साल से अधिक की सजा का प्रावधान है। एक ही सिरिंज से विभिन्न लोगों की ओर से नशे के डोज लेने से एचआईवी एड्स, हैपेटाइटिस और हृदय संबंधी रोग फैलने की संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि नशे जैसे इस जानलेवा अपराध की रोकथाम के लिए लोगों का सहयोग बहुत जरूरी है। जिसके लिए ड्रग-फ्री हिमाचल एप बनाई गई है। इस एप पर सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान बिल्कुल गुप्त रखी जाती है, ताकि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
सड़क सुरक्षा नियम
यातायात नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन किया है। इसके तहत अगर कोई बिना लाइसेंस या कम उम्र का युवक वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो पांच हजार रुपये और तेज गति से वाहन चलाने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना हो सकता है। वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और हेलमेट पहनने से होने वाले लाभ के बारे में भी बताया।
महिला हिंसा रोकथाम कानून
घरेलू हिंसा और छेड़छाड़ पर कानूनी कार्रवाई और टोल फ्री नंबर 112, हमीरपुर पुलिस फेसबुक पेज इत्यादि के बारे में भी जानकारी दी। बस में यात्रा के दौरान बुजुर्ग लोगों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सीट उपलब्ध करवाना तथा बस में एक निश्चित दूरी बनाकर खड़े रहने के बारे में भी बताया।
विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के बारे में यह कहा
विद्यार्थी अक्षत ने कहा कि पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बहुत की ज्ञानवर्धक जानकारी मिली है। वह पुलिस अधीक्षक की ओर से बताई बातों का अपने जीवन में अनुसरण करेंगे।
अनिरुद्ध शर्मा ने कहा कि स्कूली कक्षाओं के अलावा इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से बहुत कुछ सीखने का मौका मिलता है। जिनसे जीवन में बदलाव लाया जा सकता है।
विद्यार्थी मितेश शर्मा ने कहा कि पुलिस अधीक्षक ने यातायात नियमों, साइबर क्राइम और नशे के दुष्प्रभाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। नाबालिग को वाहन नहीं चलाना चाहिए और सड़क सुरक्षा नियमों का हमेशा सख्ती से पालन करना चाहिए।
विद्यार्थी अंश पुरी ने कहा कि पुलिस अधीक्षक ने बहुत महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है। वह बताए गए नियमों का खुद भी पालन करेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी बताएंगे।
क्या कहते हैं स्कूल के उप-प्रधानाचार्य
अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम बहुत ही बेहतर मुहिम है। मीडिया से न केवल हमें समाज में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी मिलती है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां करने में भी काफी मदद मिलती है। मीडिया का जीवन में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। विद्यार्थी जीवन के बाद समाज में बदलाव का इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का बहुत बड़ा योगदान रहता है। इस कार्यक्रम के लिए अमर उजाला फाउंडेशन बधाई की पात्र है।
-बलराज जसवाल, उपप्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला(बाल)हमीरपुर।