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बारिश ने दूर की जलशक्ति विभाग की टेंशन
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हमीरपुर। जिले में मई माह में हो रही बारिश ने जलशक्ति विभाग की पेयजल समस्या की टेंशन दूर कर दी है। इस बारिश से विभाग के पेयजल स्रोतों में 40 फीसदी तक जलस्तर बढ़ गया है, जोकि जलशक्ति विभाग सहित जिलावासियों के लिए सुखद संदेश है। अब आगामी एक माह तक जिले में पेयजल की समस्या नहीं होगी। इससे पूर्व जिले के पेयजल स्रोत सूखने की कगार पर पहुंच गए थे।
कई जल स्रोतों में 50 फीसदी तक कमी आ चुकी थी, लेकिन अब पिछले तीन दिन से हो रही बारिश से ब्यास नदी समेत जिले की अन्य खड्डों और नालों में जलस्तर बढ़ा है। जिला हमीरपुर में जलशक्ति विभाग के अधीन करीब 181 पेयजल स्कीमें हैं। 15 अप्रैल तक 37 पेयजल स्कीमें सूखे के कारण प्रभावित हुई थीं।
जलस्तर काफी नीचे जाने से भोरंज और बड़सर समेत अन्य क्षेत्रों में पेयजल की समस्या खड़ी हो गई थी। अब बारिश होने से फिर से पेयजल स्रोतों में पानी आ गया है। विभाग का मानना है कि इस बारिश के कारण अब अगले एक माह तक पेयजल की समस्या नहीं रहेगी।
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उधर, जलशक्ति विभाग हमीरपुर के अधीक्षण अभियंता दीपक गर्ग ने कहा कि बारिश से पेयजल स्रोतों में पानी की मात्रा बढ़ी है। ब्यास नदी समेत जिले की अन्य खड्डों और नालों में भी जलस्तर बढ़ा है। अब जिला में पेयजल की कोई समस्या नहीं होगी।
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कई जल स्रोतों में 50 फीसदी तक कमी आ चुकी थी, लेकिन अब पिछले तीन दिन से हो रही बारिश से ब्यास नदी समेत जिले की अन्य खड्डों और नालों में जलस्तर बढ़ा है। जिला हमीरपुर में जलशक्ति विभाग के अधीन करीब 181 पेयजल स्कीमें हैं। 15 अप्रैल तक 37 पेयजल स्कीमें सूखे के कारण प्रभावित हुई थीं।
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जलस्तर काफी नीचे जाने से भोरंज और बड़सर समेत अन्य क्षेत्रों में पेयजल की समस्या खड़ी हो गई थी। अब बारिश होने से फिर से पेयजल स्रोतों में पानी आ गया है। विभाग का मानना है कि इस बारिश के कारण अब अगले एक माह तक पेयजल की समस्या नहीं रहेगी।
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उधर, जलशक्ति विभाग हमीरपुर के अधीक्षण अभियंता दीपक गर्ग ने कहा कि बारिश से पेयजल स्रोतों में पानी की मात्रा बढ़ी है। ब्यास नदी समेत जिले की अन्य खड्डों और नालों में भी जलस्तर बढ़ा है। अब जिला में पेयजल की कोई समस्या नहीं होगी।